कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
ऐसे लोगों को डेल्टा वैरिएंट्स से अतिरिक्त सुरक्षा
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग स्थिति वाले प्रतिभागियों को शामिल किया। इसमें वैक्सीन की एक डोज, दोनों डोज ले चुके लोगों के साथ कोविड से ठीक होने के बाद वैक्सीन की एक या दोनों डोज ले चुके लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ उनकी तुलना में कोरोना संक्रमित रह चुके लोग जिन्हें वैक्सीन की अतिरिक्त सुरक्षा मिल चुकी है, उन्हें ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है। वहीं जिन लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं कराया है, उनमें डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा कहीं ज्यादा हो सकता है।