फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से जंग में नई उम्मीद: हेपेटाइटिस की दवा लेने वालों को नहीं हुआ संक्रमण, बड़े ट्रायल की तैयारी

Thu, 30 Jul 2020 07:11 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस से जंग के बीच बीते कुछ दिनों में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को कई कामयाबियां हासिल हुई है। एक ओर इसकी कई वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के दौरान बेहतर परिणाम दे रही है, वहीं दूसरी ओर इसके इलाज के लिए डेक्सामेथासोन, फेपिराविर जैसी कई दवाएं भी सामने आई हैं। अब एक नई रिसर्च में पता चला है कि हेपेटाइटिस की दवा कोरोना से बचाव करने में कारगर है। यह रिसर्च हरियाणा के रोहतक पीजीआई के शोधकर्ताओं ने की है। इसी संस्थान में भारतीय वैक्सीन COVAXIN का ह्यूमन ट्रायल भी चल रहा है। फिलहाल जानते हैं हेपेटाइटिस की दवा संबंधी इस नई रिसर्च के बारे में। 
विज्ञापन

2 of 6
हेपेटाइटिस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
  • दुनियाभर के कई देशों में भी हेपेटाइटिस की दवा कोरोना संक्रमण से बचाव में मददगार साबित हुई है। काला पीलिया यानी हेपेटाइटिस की दवा लेने वाले मरीजों को कोरोना वायरस संक्रमित नहीं कर पाया। संस्थान के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग और नेशनल वायरल हेपेटाइटिस सेंट्रल प्रोग्राम के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर में करीब 1500 मरीजों पर यह रिसर्च की गई है।
विज्ञापन

3 of 6
हेपेटाइटिस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
पांच महीने तक किया पर्यवेक्षण
  • गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग प्रमुख और सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि इस रिसर्च के दौरान करीब पांच माह तक हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज कराने वालों में से 1500 मरीजों को चिह्नित कर मार्च से जुलाई महीने तक उनकी हेल्थ मॉनिटरिंग की गई। उनका दावा है कि हेपेटाइटिस  की दवा कोविड-19 से बचाव में कारगर है। 

4 of 6
जांच करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
1500 मरीजों में नहीं दिखे लक्षण
  • शोधकर्ताओं का दावा है कि हेपेटाइटिस की दवा लेने वाले 1500 मरीजों को न ही कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण नजर आए और न ही वे कोरोना संक्रमित हुए। डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अगर इसका बड़े स्तर पर ट्रायल कराया जाए तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
विज्ञापन

5 of 6
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
  • बताया गया कि काला पीलिया के इलाज के लिए लेडिपसविर और डसाबूविर के साथ सोफासबूबिर का कॉम्बिनेशन दिया जाता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए यह कॉम्बिनेशन रेमेडेसिविर की तुलना में ज्यादा बेहतर है। खबरों के मुताबिक, कोरोना के मरीजों पर इसका ट्रायल करने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डीजीसीआई को भेजा प्रस्ताव
  • बताया जा रहा है कि रोहतक पीजीआई, इंटॉक्स प्राइवेट लिमिटेड और काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंस्ट्रीयल रिसर्च नेशनल केमिकल लेबोरेट्री के साथ मिलकर बड़े स्तर पर इसका ट्रायल करेगा। इसके लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) को प्रस्ताव भेजा गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें