कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में तेजी से बढ़ता जा रहा है। वैज्ञानिक और विशेषज्ञ कोरोना की संभावित दूसरी लहर के बारे में चेता चुके हैं। इसके साथ ही दुनिया के कई शहरों में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक प्रसार की बात भी सामने आई है। पहले इस संबंध में कुछ अध्ययन हो चुके हैं कि क्या बच्चे कोरोना वायरस का वाहक हो सकते है, क्या व्यस्क की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकते हैं। इस संबंध में बहुत ज्यादा जानकारी स्पष्ट नहीं थी। लेकिन गुरुवार को आई एक स्टडी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्यस्कों की तुलना में बच्चे अधिक संक्रमण फैला सकते हैं, खासकर पांच साल से छोटे बच्चे, जिनमें वायरस के 100 गुना अधिक होने की संभावना रहती है।