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Coronavirus: पांच साल से छोटे बच्चों में 100 गुना अधिक हो सकते हैं वायरस, स्टडी में दावा

Fri, 31 Jul 2020 05:47 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में तेजी से बढ़ता जा रहा है। वैज्ञानिक और विशेषज्ञ कोरोना की संभावित दूसरी लहर के बारे में चेता चुके हैं। इसके साथ ही दुनिया के कई शहरों में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक प्रसार की बात भी सामने आई है। पहले इस संबंध में कुछ अध्ययन हो चुके हैं कि क्या बच्चे कोरोना वायरस का वाहक हो सकते है, क्या व्यस्क की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकते हैं। इस संबंध में बहुत ज्यादा जानकारी स्पष्ट नहीं थी। लेकिन गुरुवार को आई एक स्टडी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्यस्कों की तुलना में बच्चे अधिक संक्रमण फैला सकते हैं, खासकर पांच साल से छोटे बच्चे, जिनमें वायरस के 100 गुना अधिक होने की संभावना रहती है। 
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बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है जरूरी(फाइल फोटो) - फोटो : Pexels
  • जेएएमए पीडियाट्रिक्स (JAMA Pediatrics) ने गुरुवार को एक स्टडी रिपोर्ट में यह दावा किया है कि पांच साल से छोटे बच्चों के नाक में किशोरों, युवाओं या वयस्कों की तुलना में कोरोना वायरस के जेनेटिक मेटेरियल 10 से 100 गुना तक अधिक होते हैं। इसका मतलब यह है कि छोटे बच्चे सामुदायिक संक्रमण(Community Transmission) का बड़ा वाहक हो सकते हैं।
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बच्चों में संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
  • शोधकर्ताओं ने 23 मार्च से 27 अप्रैल के बीच अमेरिका के शिकागो में 145 मरीजों के नोजल स्वैब के जरिए यह शोध अध्ययन किया, जिनमें एक हफ्ते से कोरोना के लक्षण थे। इस अध्ययन में मरीजों के समूह को तीन हिस्सों में बांटा गया था। इनमें पांच साल से कम उम्र के 46 बच्चे थे, वहीं 51 प्रतिभागियों की उम्र 5 से 17 साल के बीच थी और 48 लोग 18 से 65 साल की उम्र के थे। 

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बच्चों में संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
  • एन एंड रोबर्ट एच लूरी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के डॉ. टेलर हील्ड सर्जेंट के नेतृत्व में यह अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि छोटे बच्चों के ऊपरी श्वांस नली में कोरोना वायरस 10 से 100 गुना तक अधिक थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट में लैंप स्टडी का हवाला देते हुए कहा है कि जेनेटिक मैटिरियल जितनी अधिक होती है, उतना ही अधिक संक्रमण फैलता है। 
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बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है जरूरी(फाइल फोटो) - फोटो : PTI
  • मालूम हो कि पहले भी विशेषज्ञ कह चुके हैं कि अधिक वायरल लोड वाले बच्चे अधिक संक्रमण फैला सकते हैं। इस रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा कि छोटे बच्चे सामान्य आबादी में कोरोना वायरस के अहम वाहक हैं। मालूम हो कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विशेषज्ञों की उन मान्यताओं के ठीक उलट है, जिनमें यह कहा गया जा रहा था कि बच्चे इस वायरस से गंभीर रूप से कम बीमार पड़ते हैं और दूसरों को अधिक संक्रमित नहीं करते हैं। 
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बच्चों में संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स
  • इससे पहले साउथ कोरिया में हुई एक रिसर्च स्टडी में पाया गया था कि 10 से 19 साल के बच्चों ने घर में व्यस्कों की तरह ही संक्रमण फैलाया, लेकिन 9 साल से कम उम्र के बच्चों ने कम संक्रमण फैलाया है। इस अध्ययन ने पुराने अध्ययनों को खारिज किया है। हालांकि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में बच्चों की भूमिका पर और अध्ययन की जरूरत है।
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बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है जरूरी(फाइल फोटो) - फोटो : Pexels
  • बच्चों से संक्रमण फैलने की ज्यादा संभावना वाली यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका में स्कूल और डे केयर सेंटर खोलने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि इस अध्ययन का सैंपल साइज (145 प्रतिभागी) कम हैं और विशेषज्ञों के मुताबिक अभी इस पर पर्याप्त शोध की जरूरत है। 
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