Coronavirus
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डॉक्टर जुगल किशोर का मानना है कि महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम करने वाले ‘रिस्क फैक्टर’ कम होते हैं। उन्होंने कहा, “भारत में धूम्रपान करने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा है। स्मोकिंग और तंबाकू का सेवन इंसान में फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। इनमें सबसे प्रमुख है- क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज (सीओपीडी)।’’
डॉक्टर जुगल किशोर के मुताबिक सीओपीडी ऐसी बीमारी है, जो कोरोना संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ा देती है। इतना ही नहीं, सीओपीडी से ग्रसित व्यक्ति अगर कोरोना वायरस की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसे ठीक होने में भी ज्यादा मुश्किल होती है।, उस व्यक्ति की तुलना में, जिसमें ये बीमारी नहीं है। वो कहते हैं, “सिगरेट और शराब जैसी चीजों से इंसान का प्रतिरोधी तंत्र (इम्यून सिस्टम) भी प्रभावित होता है। शायद यही वजह है कि पुरुषों का शरीर, महिलाओं की तुलना में कोरोना संक्रमण के सामने कमजोर साबित हो रहा है।”