कमजोर इम्यून रिस्पांस के कारण बढ़ रहा है संक्रमण का खतरा
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क्यों दोबारा संक्रमित हो रहे हैं लोग?
वायरस को लेकर किए गए अध्ययनों में दावा किया जाता रहा है कि प्राकृतिक प्रतिरक्षा अगले संक्रमण से बचाव करने में सहायक है, बावजूद इसके कोरोना का दोबारा संक्रमण होना बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। इस संबंध में न्यूयॉर्क स्थित बफ़ेलो विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ थॉमस रूसो कहते हैं, जिन लोगों को कोरोना संक्रमण के दौरान हल्के लक्षणों को अनुभव हुआ, उनका इम्यून रिस्पांस भी हल्का हो सकता है, जिससे शरीर में मजबूत स्तर की प्रतिरक्षा नहीं विकसित हो पाती है। ऐसे लोगों में अगली बार उसी वायरस से संक्रमण का जोखिम हो सकता है। फिर भी माना जाता है कि पहले संक्रमण के तीन महीने तक दोबारा संक्रमण का खतरा कम होता है।