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Coronavirus Study: स्कूल खोलने की बजाय बंद रखने के कारण कोविड से अधिक मौतें, इस अध्ययन ने चौंकाया

Fri, 09 Oct 2020 01:51 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस संक्रमण से इस समय दुनिया के 210 से ज्यादा देश जूझ रहे हैं। इस महामारी पर नियंत्रण के लिए दुनियाभर के देशों में लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा, जो अब काफी हद तक हटाया जा चुका है। लॉकडाउन के दौरान स्कूलों को भी बंद रखा गया था। कोरोना संक्रमण के डर से एहतियात के तौर पर अभी भी भारत और कुछ अन्य देशों में बच्चों के स्कूल पूरी तरह नहीं खोले गए हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसे लंबे समय तक जारी रखने के कारण कोविड से ज्यादा मौतें हो सकती हैं। ब्रिटेन में हुए एक शोध अध्ययन में यह दावा किया गया है कि स्कूल बंद रखना कोविड से होनेवाली मौतों का आंकड़ा बढ़ा सकता है। 
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Coronavirus Mask - फोटो : iStock
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं (University of Edinburgh Researchers) द्वारा किए गए अध्ययन में गुरुवार को यह खुलासा हुआ है कि सामाजिक मेलजोल से दूरी महामारी से होने वाली मौतों की संख्या घटाने का एक कारगर औजार साबित हुआ, लेकिन महामारी के दौरान स्कूलों को खुला रखने के बजाय बंद रखने के कारण लंबे समय में अधिक मौतें हो सकती हैं। 
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Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फिजिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी के प्राध्यापक और इस शोध अध्ययन के मुख्य लेखक ग्रीम आकलैंड ने कहा, ‘संक्षिप्त अवधि में स्कूलों को बंद रखने से संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या कम रही, लेकिन इस फैसले ने हमें संक्रमण के बाद के चरण के लिए कहीं अधिक खतरे में डाल दिया। नया विश्लेषण 'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' में प्रकाशित हुआ है।

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बच्चों संग बुजुर्ग(File Photo) - फोटो : Pixabay
इस आयुवर्ग पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी
  • प्रो. आकलैंड ने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न आयु वर्ग की आबादी के लिए अलग-अलग रणनीतियों की जरूरत थी, जिसमें अधिक ध्यान बुजुर्गों और जोखिम ग्रस्त लोगों का बचाव करने पर दिया जाना था।
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Research - फोटो : पेक्सेल्स
विश्लेषण पर आधारित है अध्ययन
  • इस शोध अध्ययन के नतीजे 'रिपोर्ट 9' के विश्लेषण पर आधारित हैं। इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के इस अध्ययन का इस्तेमाल ब्रिटिश सरकार की आपात स्थिति पर वैज्ञानिक सलाहकार समूह ने 23 मार्च को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू करने में किया था। इसके तहत स्कूलों को भी बंद कर दिया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
विशेषज्ञों ने कहा है कि स्कूलों और दुकानों को बंद रखने जैसे उपायों का यदि फिर से सहारा लिया जाता है तो महामारी और भी लंबे समय तक जा सकती है। उनका कहना है कि प्रभावी टीकाकरण कार्यक्रम बहुत जरूरी है। इसके बिना दीर्घकाल में कोरोना महामारी से कहीं अधिक मौतें होंगी। 
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