प्रतीकात्मक तस्वीर
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वहीं, फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग के फेफड़ा रोग विभाग के निदेशक और प्रमुख विकास मौर्य ने भी दोहरे संक्रमण की स्थिति में संतुलित प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, ‘‘पहले तो देखना होगा कि दोनों में से कौन सी बीमारी रोगी को अधिक परेशान कर रही है और इस हिसाब से उपचार तय होगा। दोनों ही वायरस संक्रमण से होते हैं, इसलिए किसी डॉक्टर और रोगी दोनों के लिए ही यह असामान्य-सी स्थिति है।’’