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Alert: देश झेल रहा है वायरल संक्रमण की दोहरी मार, कई राज्यों में कोविड-इन्फ्लुएंजा के कारण अस्पतालों में भीड़

Fri, 31 Mar 2023 12:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संक्रमण के बढ़ते मामले - फोटो : Istock
देश इन दिनों वायरल संक्रमण की दोहरी मार झेल रहा है। कोरोना के कारण बढ़ती चिंता के साथ कई राज्यों में H3N3 इंफ्लुएंजा के कारण भी स्थिति बिगड़ती हुई देखी जा रही है। गंभीर बात यह है कि फ्लू संक्रमण का यह रूप कई लोगों में गंभीर रोगों का कारण भी बन रहा है।

देश में डायग्नोस्टिक सेवा कंपनियों की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस परीक्षण की मांग अचानक से बढ़ी है, यह मौसम इस तरह के वायरल संक्रमण के लिए अनुकूल माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को पहले से ही कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हैं उनमें यह खतरा भी बढ़ाता दिख रहा है।

फ्लू संक्रमण के साथ इन दिनों देश में अचानक से कोरोना के कारण भी स्थिति बिगड़ती दिख रही है। पिछले छह महीने में पहली बार बुधवार को एक दिन में तीन हजार से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई, गुरुवार को भी 3000 से अधिक लोगों को संक्रमित पाया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना-फ्लू दोनों प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए सभी लोगों को लगातार उपाय करते रहने की सलाह दी है।
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फ्लू का बढ़ता संक्रमण - फोटो : istock
H3N2 इन्फ्लूएंजा की टेस्टिंग बढ़ी

H3N2, इन्फ्लूएंजा वायरस का ही एक प्रकार है जो गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों में इसका प्रकोप और गंभीर रोग के मामले अधिक रिपोर्ट हो रहे हैं।

अमर उजाला से बातचीत में एक निजी अस्पताल में डायग्नोस्टिक विभाग के चिकित्सक बताते हैं, कोरोना और फ्लू दोनों को लेकर लोगों में डर देखा जा रहा है। यही कारण है कि ऐसे बहुत से लोग इन्फ्लुएंजा के लिए परीक्षण करा रहे हैं, जो पहले वायरल संक्रमण में टेस्टिंग की जरूरत नहीं समझते थे। इन्फ्लुएंजा सहित कुछ अन्य वायरल परीक्षणों में पिछले एक महीने में काफी बढ़ोतरी आई है।
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कोरोना के मामलों में उछाल - फोटो : PTI
कोरोना के मामलों में भी उछाल

इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ चूंकि इन दोनों कोरोना के नए वैरिएंट के कारण कोविड-19 के मामलों में भी बढ़ोतरी आई है, लिहाजा हल्के सर्दी-जुकाम होने पर भी लोग परीक्षण के लिए आ रहे हैं। कोविड-19 के परीक्षण में अधिकतर लोगों में एसिम्टोमैटिक लक्षण या फिर हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं, इसका कारण शायद देश में बढ़ी वैक्सीनेशन की दर है।

फिलहाल दो महीने पहले की तुलना में देखें तो इन दिनों कोरोना और फ्लू दोनों की न सिर्फ जांच बढ़ी है साथ ही मामले भी अधिक रिपोर्ट हो रहे हैं।

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वायरल संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
महाराष्ट्र में बढ़े फ्लू के रोगी

गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी की गई एक विज्ञप्ति से पता चला कि राज्य में 1 जनवरी से 28 मार्च तक इन्फ्लूएंजा के 3,53,116 संदिग्ध मामलों की सूचना मिली। उनमें से, 2018 लोगों का एंटीवायरल दवा (जिसका उपयोग इन्फ्लूएंजा ए और इन्फ्लूएंजा बी वायरस के इलाज और रोकथाम के लिए किया जाता है) के साथ उपचार किया गया।

H3N2 के साथ-साथ H1N1 के भी मामले बढ़ रहे हैं, संक्रमित रोगियों की संख्या क्रमशः 341 और 442 है। एच1एन1 संक्रमण से तीन जबकि एच3एन2 से पांच लोगों की मौत की भी खबर है।
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संक्रामक रोगों से करें बचाव - फोटो : Pixabay
दोनों संक्रमणों से बचाव के करें उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, H3N3 इंफ्लुएंजा और कोविड-19 के लक्षणों में अंतर करना बहुत आवश्यक है, दोनों के ज्यादातर लक्षण एक जैसे ही देखे जा रह हैं। चूंकि दोनों ही श्वसन संक्रमण हैं, ऐसे में बचाव के लिए निरंतर सतर्कता जरूरी है। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखकर कोरोना और फ्लू दोनों के ही खतरे से बचाव किया जा सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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