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कोविड से ठीक होने के बाद क्या दोबारा भी हो सकते हैं संक्रमित? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sat, 17 Apr 2021 08:16 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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दोबारा से चपेट में ले सकता है कोरोना - फोटो : PTI
कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर अब लोगों के लिए तमाम तरह की समस्याओं का कारण बनती जा रही है। लोगों को मन में तरह-तरह के सवाल आ रहे है, ऐसा ही एक सवाल है, क्या एक बार संक्रमण की चपेट में आ जाने के बाद दोबारा संक्रमित होने का खतरा नहीं रहता है? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक के अध्ययनों में विशेषज्ञ बताते रहे हैं कि एक बार संक्रमण हो जाने के बाद शरीर उस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी तैयार कर लेता है जिससे अगली बार संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है।
द माउंट सिनाई स्कूल ऑफ़ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया है कोविड-19 का पहला संक्रमण पूरी तरह से लोगों को दोबारा से होने वाले संक्रमण से सुरक्षित नहीं करता है।
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संक्रमण के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनती है - फोटो : PTI
विशेषज्ञों का मानना है कि वैसे तो कोविड-19 संक्रमण के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडी काफी हद तक सुरक्षात्मक होती है। हालांकि यह युवाओं को दोबारा से संक्रमित होने से बचाने में सक्षम नहीं मानी जा सकती है। माउंट सिनाई और नौसेना चिकित्सा अनुसंधान केंद्र के शोधकर्ताओं ने 3,000 से अधिक युवाओं और स्वस्थ लोगों पर किए गए अध्ययन के आधार पर इस बात की पुष्टि की है। 
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि युवा वयस्कों में सार्स-सीओवी-2 वायरस का दोबारा से संक्रमण होना सामान्य है। माउंट सिनाई के आइकॉन स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर और अध्ययन के सह लेखक स्टुअर्ट सीलफॉन कहते हैं कि युवाओं को संक्रमण के बाद ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हो गए हैं। ऐसे स्थिति में वैक्सीन सबसे उपयोगी शस्त्र हो सकता है।
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जरूर कराएं टीकाकरण - फोटो : सोशल मीडिया
अध्ययन में स्टुअर्ट सीलफॉन कहते हैं कि कोविड -19 संक्रमण के बावजूद युवाओं को दोबारा से संक्रमण का खतरा रहता है, इतनी ही नहीं वह दूसरों को संक्रमित भी कर सकते हैं। यहां सबसे ज्यादा महत्पूर्ण यह है कि ऐसे समय में वैक्सीन की भूमिका बहुत बढ़ जाती है। युवाओं को यथासंभव टीकाकरण कराना चाहिए क्योंकि टीकाकरण ही प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देने के साथ संक्रमण को रोकने और संचरण को कम करने में सहायक हो सकती है।

स्रोत और संदर्भ: 
www.thelancet.com

अस्वीकरण नोट:  यह लेख द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
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