कोरोना वायरस को लेकर चीन पहले से ही विवादों में है, क्योंकि दुनिया के ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस चीन से ही दुनियाभर में फैला है और अब कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी चीन एक बार फिर से दुनिया की नजर में आ गया है। इसकी वजह ये है कि अलग-अलग देशों में चीन की वैक्सीन के असर में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। दरअसल, चीन की सिनोवैक कंपनी द्वारा विकसित वैक्सीन 'कोरोनावैक' का ब्राजील और तुर्की में ट्रायल किया गया है। इन दोनों ही देशों द्वारा जारी किए गए ट्रायल के डाटा में काफी अंतर है, जिसने चीन की इस वैक्सीन के प्रभावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।