दुनिया में अब तक कोरोना की कई वैक्सीन आ चुकी हैं, जिनकी मदद से टीकाकरण अभियान भी चल रहे हैं। हालांकि वैक्सीन हो या कोरोना वायरस, इनको लेकर लगातार शोध भी चल रहे हैं। अब अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा नया नैनोमटेरियल-बेस्ड बायोसेंसिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो कुछ ही देर में बता देगा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए शरीर में एंटीबॉडी बनी है या नहीं। कहा जा रहा है कि इस बायोसेंसिंग प्लेटफॉर्म से वैक्सीन की प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया यानी वैक्सीन के प्रभाव का सटीक अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।