चीन में क्या हो रहा है?
चीन में इस समय तीन वैक्सीन प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जिनमें ह्यूमन ट्रायल यानी इंसानों पर परीक्षण चल रहा है। इनमें उत्पादन के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
AD5-nCoV वैक्सीन
16 मार्च को जब मॉडर्ना थेराप्युटिक्स ने इंसानों पर अपनी वैक्सीन का परीक्षण शुरू किया था, चीनी बॉयोटेक कंपनी कैंसिनो बॉयोलॉजिक्स ने भी उसी दिन अपने ट्रायल्स शुरू किए थे। इस प्रोजेक्ट में कैंसिनो बॉयोलॉजिक्स के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोटेक्नॉलॉजी और चाइनीज एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेज भी काम कर रहे हैं।
AD5-nCoV वैक्सीन में एडेनोवायरस के एक खास वर्जन का इस्तेमाल बतौर वेक्टर किया जाता है। एडेनोवायरस विषाणुओं के उस समूह को कहते हैं जो हमारी आंखों, श्वासनली, फेफड़े, आंतों और नर्वस सिस्टम में संक्रमण का कारण बनते हैं।
इनके सामान्य लक्षण हैं, बुखार, सर्दी, गले की तकलीफ, डायरिया और गुलाबी आंखें। और वेक्टर का मतलब वायरस या एजेंट से है जिसका इस्तेमाल किसी कोशिका को डीएनए पहुंचाने के लिए किया जाता है। वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि ये वेक्टर उस प्रोटीन को सक्रिय कर देगा जो संक्रमण से लड़ने में प्रतिरोधक क्षमता के लिए मददगार हो सकता है।