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CoronaVirus Vaccine: अंतिम चरण के परीक्षण में अमेरिकी कंपनी, जानें कबतक तैयार होगी कोरोना की वैक्सीन

Thu, 24 Sep 2020 10:40 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine - फोटो : iStock/Social Media
कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनियाभर में कई तरह की वैक्सीन पर काम चल रहा है। दुनियाभर की कई कंपनियां वैक्सीन के सफल होने के करीब है, उन्हीं में से एक है- अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन। कंपनी ने कोरोना वैक्सीन का आखिरी चरण का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस वैक्सीन के ट्रायल अमेरिका के अलावा अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, दक्षिण अफ्रीका, कोलंबिया, मेक्सिको और पेरू में हो रहे हैं। जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का लक्ष्य 60 हजार लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल करने का है। मालूम हो कि शुरुआती चरणों के परीक्षण के नतीजे सकारात्मक आए हैं। इस वैक्सीन से वैज्ञानिकों को बड़ी उम्मीद है। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने कहा है कि वह अपनी वैक्सीन का फेज-3 ट्रायल शुरू कर रही है। जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन दुनिया की 10वीं ऐसी वैक्सीन बन गई है, जो अंतिम चरण के ट्रायल में पहुंच गई है, जबकि अमेरिका की यह चौथी ऐसी वैक्सीन है। फेज-3 ट्रायल में 60,000 लोगों पर वैक्सीन को अपनाया जाएगा। इसके लिए दुनियाभर में 200 जगहें चुनी गई हैं।
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Coronavirus Vaccine - फोटो : iStock/Social Media
  • कंपनी का कहना है कि 'नॉट फॉर प्रॉफिट' के तहत यह वैक्सीन तैयार की जा रही है। कंपनी का कहना है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो 2021 की शुरुआत तक इसे इमर्जेंसी अप्रूवल मिल जाएगा। अंतिम चरण के ट्रायल में यह साफ हो जाएगा कि कोरोना से बचाने में वैक्सीन कितनी प्रभावी साबित होगी। 

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Corona Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • कंपनी ने कहा कि दिसंबर तक यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वैक्सीन असरदार है या नहीं। मालूम हो कि मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका ने भी लगभग इसी वक्त तक वैक्सीन के प्रभाव को लेकर नतीजे आने की बात कही है। वहीं एक अन्य कंपनी फाइजर ने अक्तूबर तक वैक्सीन की अपडेट बताने की बात कही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एडेनोवायरस आधारित है वैक्सीन
  • जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन, सर्दी-खांसी के लिए जिम्मेदार एडेनोवायरस की सिंगल डोज पर आधारित है, जिसमें नए कोरोना वायरस(Sars Cov-2) के स्पाइक प्रोटीन को भी शामिल किया गया है। इबोला की वैक्सीन तैयार करने में भी कंपनी ने यही तकनीक इस्तेमाल की थी, जिसे इसी साल जुलाई में यूरोपियन कमिशन ने अप्रूवल दिया है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
  • कंपनी के चेयरमैन एलेक्स गोर्स्की ने कहा कि कोविड-19 महामारी को खत्म करना ही हमारा उद्देश्य है। वैज्ञानिक डॉ. पॉल स्टोफेल ने कहा है कि इस ट्रायल से अलग-अलग तरह के लोगों पर वैक्सीन के प्रभाव का पता लगाया जाएगा। उम्मीद है कि इस साल के आखिरी में या अगले साल की शुरुआत में नतीजे सामने आएंगे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में यह सिंगल डोज वैक्सीन बहुत काम आ सकती है। हम बाद में बूस्टर डोज पर प्रयोग करेंगे। हालांकि शुरुआती चरणों के नतीजे बताते हैं कि वैक्सीन की सिंगल डोज ही लोगों को लंबे समय तक बचाने के लिए पर्याप्त है। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लोगों से ट्रायल में शामिल होने की अपील की है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
अमेरिकी सरकार ने दी है आर्थिक मदद
  • अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ एंथनी फाउची ने कहा है कि वायरस की पहचान होने के महज आठ महीने के भीतर अमेरिका में कोरोना की चार वैक्सीन अंतिम चरण के नैदानिक परीक्षण में पहुंच गई है। यह वैज्ञानिक समुदाय के लिए अभूतपूर्व सफलता है। मालूम हो कि अमेरिका ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को 'ऑपरेशन वार्प स्पीड' के तहत 1.45 बिलियन डॉलर दिया है। 
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