प्रतीकात्मक तस्वीर
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मॉडर्ना ने एक और दावा किया है, जिसके मुताबिक उसकी वैक्सीन शरीर में तीन महीने तक मजबूत एंटीबॉडी बनाती रहेगी। यह दावा नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज के शोधकर्ताओं ने किया है, जिसने वैक्सीन को विकसित करने में सहयोग किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने क्लीनिकल ट्रायल के पहले चरण में शामिल 34 लोगों के प्रतिरक्षा तंत्र का अध्ययन किया था, जिसमें युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल थे।