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Coronavirus Vaccine: नोवावैक्स ने कोरोना के नए 'स्ट्रेन' पर शुरू किया वैक्सीन का परीक्षण, जानिए ताजा अपडेट्स

Tue, 29 Dec 2020 03:02 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर दुनियाभर के लोग परेशान हैं। इस बीच वैक्सीन बना रही अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स ने घोषणा की है कि वह कोरोना के उस नए 'प्रकार' के खिलाफ भी अपने टीके का परीक्षण कर रहा है जो अधिक आसानी से फैलता है। इस परीक्षण के तहत टीका लेने वाले प्रतिभागियों के खून के नमूने लिए जाएंगे और देखा जाएगा कि क्या उनकी एंटीबॉडी प्रयोगशाला में ब्रिटेन के स्ट्रेन को बेअसर करने में सक्षम है या नहीं। कंपनी का मानना है कि यह टीका प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा करेगा, जो कोरोना वायरस के इस नए स्ट्रेन के खिलाफ भी सुरक्षा देगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोवावैक्स ने बीते सोमवार से संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको में अपनी कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत कर दी है। यह अमेरिका में कोरोना वैक्सीन का बड़े पैमाने पर परीक्षण शुरू करने वाली पांचवीं कंपनी है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
नोवावैक्स की इस वैक्सीन को NVX‑CoV2373 नाम  दिया गया है। इसका ट्रायल 18 और उससे अधिक उम्र के 30,000 लोगों में सुरक्षा, प्रभावकारिता और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करेगा। इसके पहले और दूसरे चरण के परीक्षण के अध्ययनों से पता चलता है कि यह वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा करती है और सुरक्षित दिखाई देती है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अगस्त में नोवावैक्स ने वैक्सीन के उत्पादन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ समझौता किया था। इस समझौते के मुताबिक, कम और मध्यम आय वाले देशों और भारत के लिए कम के कम वैक्सीन की 100 करोड़ खुराक तैयार करने की बात कही गई थी। नोवावैक्स के मुताबिक, साल 2021 के मध्य तक वैक्सीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 200 करोड़ खुराक से ज्यादा की जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कुछ महीने पहले नोवावैक्स ने कहा था कि वह ब्रिटेन में साल 2021 की पहली तिमाही की शुरुआत में वैक्सीन की छह करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगा। वहीं, कंपनी की जनवरी तक अमेरिका को 10 करोड़ खुराक देने की भी तैयारी है। वैज्ञानिकों ने नोवावैक्स द्वारा विकसित किए जा रहे संभावित टीके को भारत के लिए सबसे उपयुक्त बताया है, क्योंकि यह प्रोटीन आधारित वैक्सीन है, जिसके भंडारण के लिए अन्य संभावित टीकों की अपेक्षा उतने कम तापमान की जरूरत नहीं है। 
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