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Coronavirus Vaccine: इस देश में सोमवार से मिलनी शुरू हो जाएगी वैक्सीन, टीकाकरण अभियान का ये है पूरा प्लान

Sun, 13 Dec 2020 09:04 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
अमेरिका में फाइजर वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिल गई है, जिसके बाद अधिकारियों ने कहा है कि जनता को सोमवार से वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाएगी। कोरोना वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन की देखरेख कर रहे जनरल गुस्ताव पर्ना का कहना है कि वैक्सीन की 30 लाख डोज की पहली खेप इस सप्ताह के अंत में सभी राज्यों में पहुंचाई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि ये वैक्सीन कोविड-19 से 95 फीसदी सुरक्षा देती है और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग (एफडीए) ने इसे सुरक्षित बताया है। शनिवार को अमेरिका में 3309 लोगों की कोरोना से मौत हुई। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में एक दिन में इतनी मौतें कहीं भी नहीं हुई हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
अमेरिका में नवंबर से ही कोरोना वायरस से मौत की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत देते हुए एफडीए ने कहा कि ये कदम महामारी के दौर में मील का पत्थर साबित होगा। ट्रंप सरकार की ओर से एफडीए पर वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत को लेकर काफी दबाव था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ब्रिटेन में इस वैक्सीन के टीकाकरण की मुहिम शुरू की जा चुकी है। अमेरिकी सरकार के वैक्सीनेशन अभियान के प्रमुख जनरल पर्ना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अगले 24 घंटे में वैक्सीन शिपिंग कंटेनर्स में पैक हो जाएंगी। उन्होंने कहा, 'सोमवार को 145 जगहों पर वैक्सीन पहुंचने की उम्मीद है, मंगलवार तक 425 जगहों पर और बुधवार को और 66 जगहों पर वैक्सीन पहुंच जाएगी।' उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते पहुंचने वाली वैक्सीन फाइजर की शुरुआती डिलीवरी होगी और इससे 30 लाख लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
जनरल पर्ना ने पत्रकारों से कहा कि वे 100 फीसदी आश्वस्त हैं कि कोविड-19 का हराने वाली वैक्सीन को सुरक्षित तय जगहों पर पहुंचाया जा सकेगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि वैक्सीन के मामले में भले ही इस हफ्ते काफी प्रगति हुई है, लेकिन जब तक सभी अमेरिकियों को वैक्सीन ना पहुंच जाए तब तक काम खत्म नहीं हुआ है। फाइजर की कोरोना वैक्सीन को ब्रिटेन, कनाडा, बहरीन और सऊदी अरब में अप्रूवल मिल चुका है। इन्हीं देशों की तरह अमेरिका में भी वैक्सीन के लिए पहले हेल्थ वर्कर्स और केयर होम में रहने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राथमिकता वाले समूह से अलग बाकी अमेरिकियों को जनवरी में वैक्सीन मिल सकेगी। माना जा रहा है कि अप्रैल तक वैक्सीन सभी के लिए सुनिश्चित हो सकेगी।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एफडीए ने वैक्सीन के बारे में क्या कहा है? 

एफडीए के प्रमुख स्टीफन हान ने बताया, 'एफडीए ने इस कोविड वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी है जो इस महामारी से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा।' उन्होंने बताया कि एक खुली और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए ये सुनिश्चित किया गया है कि वैक्सीन एफडीए के मानकों के अनुकूल है। गुरुवार को एफडीए के सलाहकार मेडिकल एक्सपर्ट्स ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दे दी। 23 सदस्यों का पैनल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि वैक्सीन के फायदे इसके खतरों से कहीं ज्यादा हैं। 

एफडीए का कहना है कि इमरजेंसी इस्तेमाल का मतलब पूरी इजाजत नहीं है और पूर्ण अनुमोदन के लिए फाइजर को अलग से अप्लाई करना पड़ेगा। अमेरिकी मीडिया के अनुसार हान को कहा गया था कि या तो वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अप्रूव करें या फिर पद से इस्तीफा दे दें। हान ने इन खबरों को गलत बताया है और कहा कि एजेंसी ने सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये वैक्सीन कैसे काम करती है? 

फाइजर वैक्सीन पहली वैक्सीन है जिसने ट्रायल के आखिरी चरणों में अच्छे नतीजे दिखाए थे। ये एमआरएनए वैक्सीन नई तरह की वैक्सीन है जो वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे से हिस्से को लेकर शरीर को कोविड-19 से लड़ना सिखाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाती है। एफडीए का कहना है, 'जब किसी व्यक्ति को वैक्सीन दी जाती है, तो उनके शरीर में कोरोना वायरस वाले स्पाइक प्रोटीन बनते हैं लेकिन इनसे बीमारी नहीं होती। इनसे शरीर का इम्यून सिस्टम काम करना शुरू कर देता है और कोरोना से लड़ना सीखता है।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
वैक्सीन के दो इंजेक्शन 21 दिन के अंतराल पर लगाए जाते हैं और दूसरी डोज बूस्टर का काम करती है। पहली डोज के बाद ही इम्यूनिटी काम करना शुरू कर देती है लेकिन दूसरी डोज दिए जाने के सात दिन बाद ही वैक्सीन अपना पूरा प्रभाव दिखाती है। वैक्सीन को बेहद कम तापमान पर स्टोर किया जाता है और इसकी वजह से इसको बांटना मुश्किल है। फाइजर का कहना है कि टीकाकरण की जगह तक वैक्सीन को ड्राय आइस के स्पेशल कंटेनर्स में रख कर पहुंचाया जाएगा। फाइजर कंपनी ने अमेरिका को मार्च तक वैक्सीन की 10 करोड़ डोज पहुंचाने की डील की है। इसके अलावा जून तक मॉडर्ना वैक्सीन की 20 करोड़ डोज भी पहुंचाई जाएगी। हालांकि अभी इस वैक्सीन के अप्रूवल की प्रक्रिया अमेरिका में जारी है। 
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