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वैक्सीन लेने के बाद किस तरह की सावधानी बरतनी जरूरी है? डॉ. आशीष जैसवाल से जानें सबकुछ

Tue, 15 Dec 2020 02:57 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Corona Vaccine Update - फोटो : pixabay
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब 99 लाख से भी ऊपर हो चुके हैं जबकि एक लाख 43 हजार से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि यहां कोरोना के कारण मृत्यु दर अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है, लेकिन फिर भी लोग इसका शिकार तो हो ही रहे हैं और कुछ लोगों की मौत भी हो रही है। ऐसे में लोगों को सिर्फ एक ही चीज का इंतजार है और वो है वैक्सीन। चूंकि अभी कोरोना की वैक्सीन भारत में नहीं आई है, लेकिन जल्द ही आने वाली है। ऐसे में लोगों के मन में इसको लेकर कई तरह के सवाल हैं, जिनके जवाब उन्हें नहीं पता हैं। आइए वैक्सीन से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैसवाल से जानने की कोशिश करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
वैक्सीन लेने के बाद किस तरह की सावधानी बरतनी जरूरी है? 
  • अमर उजाला से खास बातचीत में डॉ. आशीष जैसवाल बताते हैं, 'कोरोना से बचने के लिए जिन नियमों का पालन हम अभी कर रहे हैं, (जैसे- मास्क पहनना, सामाजिक दूरी रखना और हाथ धोना) वैक्सीन लगने के बाद भी उन नियमों का पालन करना जरूरी है। इन नियमों का पालन हमें एक से डेढ़ साल तक करना पड़ेगा, जब तक कि भारत की 70 फीसदी आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, क्योंकि ऐसे में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाएगी, जो बचाव में काम आएगी।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जिन लोगों को कोविड हो गया है, क्या उनको वैक्सीन लेनी चाहिए या नहीं? 
  • डॉ. आशीष जैसवाल कहते हैं, 'हां, क्योंकि जिनको कोविड हुआ है, जिनके अंदर एंटीबॉडी भी बन गई है, वैसे तो केवल 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बनी है, 30 फीसदी लोगों के शरीर में तो एंटीबॉडी बनी ही नहीं है, उनको तो वैक्सीन लेनी पड़ेगी। जिनको एंटीबॉडी बन भी गई है, लेकिन अगर वो हाई रिस्क में आते हैं, तो उनको भी वैक्सीन लेनी चाहिए।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गले में संक्रमण या खराश है तो कैसे पता करें कि कोरोना है या कुछ और? 
  • डॉ. आशीष जैसवाल बताते हैं, 'सामान्य सर्दी-खांसी और कोरोना के लक्षणों में अंतर कर पाना बहुत ही मुश्किल है, क्योंकि दोनों के लक्षण बिल्कुल एक जैसे ही हैं। इसलिए अगर आपको ऐसा कोई लक्षण नजर आता है तो यह जरूरी है कि आप खुद को आइसोलेट करें और डॉक्टर से सलाह लें। अगर किसी को बुखार है तो कोविड का टेस्ट जरूर कराना चाहिए। अगर सामान्य वायरल होगा तो उसके लक्षण एक-दो दिन में चले जाएंगे, अगर नहीं जाता है अपने डॉक्टर से संपर्क करें। घबराना नहीं है, बेड रेस्ट करें, फल-सब्जियां खाएं यानी उचित डाइट लें।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगर किसी को वैक्सीन लग गई है, तो वह कोरोना से कितने समय के लिए सुरक्षित रह सकता है?  
  • डॉ. आशीष जैसवाल बताते हैं, 'वैक्सीन की एफिकेसी अभी पूरी तरह पता नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि वह छह महीने तक सुरक्षा दे सकती है। वैक्सीन लगने के 24-25 दिन के बाद एंटीबॉडी रिस्पॉन्स आ जाता है, यानी एक महीने से लेकर छह महीने तक दोबारा संक्रमण नहीं हो सकता है।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
क्या वैक्सीन बच्चों के लिए कारगर साबित होगी? 
  • डॉ. आशीष जैसवाल बताते हैं, 'वैसे आमतौर पर कोई भी वैक्सीन बनने में 4-5 साल का समय लगता है, लेकिन कोविड वैक्सीन एक साल के अंदर ही बन गई है। असल में वैक्सीन के टेस्ट में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को शामिल ही नहीं किया गया है, टेस्ट में 16 साल से ऊपर के लोगों को शामिल किया गया है। इसलिए अभी यह वैक्सीन बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलेगी, क्योंकि इसका डाटा अभी मौजूद नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में कहा है कि अगर कोई देश चाहे तो बच्चों को वैक्सीन दी जा सकती है, लेकिन अभी तक ब्रिटेन या अमेरिका में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं दी गई है।'
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