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विशेषज्ञ से जानें: नेजल वैक्सीन कब आएगी, क्या उसे लगवाना ज्यादा सुरक्षित है?

Wed, 18 Aug 2021 04:54 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेजल वैक्सीन - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। बीते 24 घंटे में 35 हजार से अधिक नए मामले आए हैं, जबकि 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 37 हजार से अधिक कोरोना मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक तीन करोड़ 14 लाख से अधिक मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। यह एक अच्छी खबर है। इसके अलावा टीकाकरण की अगर बात करें तो अब तक 56 करोड़ छह लाख से अधिक कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं, जिससे लोगों को अपनी जान बचाने में मदद मिली है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर का डर अभी बना हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन कोरोना को रोकने में 'गेमचेंजर' साबित हो सकती है, लेकिन आखिर यह वैक्सीन आएगी कब, क्या उसे लगवाना ज्यादा सुरक्षित है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
रिकवरी रेट 97 प्रतिशत से ऊपर हो गई है, वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं?  
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'रिकवरी रेट के साथ ही प्रतिदिन केस भी कम हो गए हैं। पहले की तुलना में वर्तमान स्थिति को सुखद कह सकते हैं, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। हमारे यहां ऐसा नहीं है कि वायरस खत्म हो गया है, क्योंकि अभी लोग संक्रमित हो रहे हैं, इसी वजह से केस भी आ रहे हैं। इसलिए पूरी सावधानी रखें और वैक्सीन लगवाने जरूर जाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आंख से भी वायरस शरीर में प्रवेश करता है, कितना खतरा हो सकता है? 
  • डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'शरीर के अंदर वायरस जाने के नाक और मुंह ही मुख्य रूप से हैं। जब नाक या मुंह से वायरस अंदर जाता है तो शरीर के अंदर जल्दी पहुंच जाता है और अपना असर दिखाने लगता है। लोगों को सर्दी, बुखार, खराश होने लगती है। कई बार वायरस अगर आंख के जरिये प्रवेश करता है तो ज्यादातर वह आंख पर ही असर करता है। इसमें आंखें, लाल होना, दर्द, अलग तरह से गड़ना, कंजक्टिवाइटिस की समस्या हो सकती है। आंख में समस्या 6-7 दिन तक रह सकती है, फिर धीरे-धीरे ठीक होने लगती है। बीमारी आंख के जरिये जा कर बहुत ज्यादा गंभीर हो जाए, ऐसा कम देखा गया है, लेकिन हमें फिर भी लापरवाही नहीं करनी है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना से ठीक हुए लोगों में मानसिक कमजोरी भी देखने को मिल रही है, क्या कहेंगे? 
  • डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'कोरोना में इस तरह की समस्या कॉमन है, कह सकते हैं कि ये वायरस के संक्रमण के बाद होने वाले प्रभाव का एक पार्ट है। खासतौर पर बड़ी उम्र वालों में यह ज्यादा पाया गया है। इसमें न्यूरो पर भी प्रभाव पड़ता है। लेकिन अगर आप सकरात्मक रहते हैं और तनाव से दूर रहते हैं तो लोग जल्दी रिकवर कर जाते हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नेजल वैक्सीन कब आएगी, क्या उसे लगवाना ज्यादा सुरक्षित है? 
  • डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'नेजल वैक्सीन आने में अभी समय लग सकता है, इसलिए देश में अभी जो भी वैक्सीन उपलब्ध है और वैक्सीनेशन सेंटर पर मिल रही है, उसे लगवा लें। ताकि वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बना कर आप खुद को प्रोटेक्ट (सुरक्षित) कर सकें।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर वैक्सीन लगाने के बाद कुछ मानसिक समस्या है तो क्या करें? 
  • डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'वैक्सीन लगवाने से किसी को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होती है। सिर्फ बुखार या हल्का दर्द होता है, वो भी एक दिन के लिए। लेकिन अगर किसी को कुछ उलझन है, परेशान हैं तो इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इसमें मनोवैज्ञानिक, डॉक्टर आदि कॉल पर उपलब्ध हैं। उन्हें कॉल कर अपनी समस्या बताएं और जो डॉक्टर सलाह दें, फॉलो करें। आप बिल्कुल ठीक हो जाएंगे।' 
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