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कोरोना वायरस: भारत में हर्ड इम्यूनिटी आने में कितने दिन लग सकते हैं? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ

Fri, 12 Mar 2021 10:00 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
देश के कई राज्यों में काफी तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अब तक एक करोड़ 13 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि एक लाख 58 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि यहां टीकाकरण अभियान भी काफी तेजी से चल रहा है। देशभर में अब तक कुल दो करोड़ 56 लाख 90 हजार से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दी है। उन्होंने बताया कि 60 साल से अधिक उम्र और 45 से 60 साल के बीच गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 67 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर देश में हर्ड इम्यूनिटी आने में कितना समय लग सकता है? आइए विशेषज्ञ से जानते ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश के कई हिस्सों में कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं, क्या ये नई लहर है? 
  • दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'वैक्सीन लगने की शुरुआत हो गई है, देश में केस भी कम होने लगे। इन सब के बीच लोग लापरवाह हो गए। आलम यह है कि लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, शादी, समारोह आदि में जो भीड़ कम जुटाने के लिए कहा गया है, वहां लोगों की भीड़ जुटी रहती है। अब बाजार भी पूरी तरह खुल गए हैं। लोग बाहर घूमने-फिरने जाने लगे हैं। इन सबके कारण कोरोना केस में एक बार फिर इजाफा होने लगा है। इसलिए कोरोना के नियमों का पालन करते रहना जरूरी है, फिर चाहे वैक्सीन ही क्यों न लग जाए।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में हर्ड इम्यूनिटी आने में कितने दिन लग सकते हैं? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'हर्ड इम्यूनिटी पता करने के लिए एक सीरो सर्वे करते हैं, जिस तरह से मुंबई के धारावी में किया गया तो उस इलाके में 80 प्रतिशत एंटीबॉडी पाई गई। इसी तरह दिल्ली में 50 से 54 प्रतिशत तक एंटीबॉडी पाई गई। लेकिन अगर पूरे देश की बात करें तो 10 प्रतिशत से ज्यादा एंटीबॉडी नहीं है। लेकिन ये कोरोना से संक्रमितों का आंकड़ा है। अब अगर टीकाकरण की बात करें कि उनसे कितना कवरेज है, तो अभी 30 करोड़ वैक्सीन का जो लक्ष्य है, उसमें लगभग ढाई करोड़ लोगों को ही वैक्सीन दी गई है। हालांकि अब टीकाकरण की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ऐसे में पूरी हर्ड इम्यूनिटी होने में काफी वक्त लग सकता है, हो सकता है इसमें पूरा साल भी लग जाए, क्योंकि 70 प्रतिशत तक लोगों का हर्ड इम्यूनिटी होना जरूरी है।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या स्टेरॉयड लेने वाले वैक्सीन ले सकते हैं? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'अक्सर पुरानी बीमारी या किसी बीमारी में स्टेरॉयड लेते हैं तो जरूर कोई गंभीर बीमारी है। ऐसे में उनका इम्यून सिस्टम कम होता है और किसी भी तरह के संक्रमण का ज्यादा खतरा होता है। इसलिए उन्हें वैक्सीन लेनी चाहिए।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर छह महीने में वैक्सीन लेने वाले के अंदर से एंटीबॉडी खत्म हो जाती है तो कोरोना को कैसे रोकेंगे? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'कोविड से संक्रमित होने वाले के अंदर भी एंटीबॉडी देखी गई है, जिसमें पाया गया कि कई लोगों के अंदर से छह महीने के बाद एंटीबॉडी हल्की पड़ जाती है या खत्म हो जाती है। अब वैक्सीन से जो एंटीबॉडी बनेगी, अभी इस बारे में शोध चल रहा है, हो सकता है ये एक साल तक रहे या कम हो तो शरीर खुद उसे बना ले। लेकिन सवाल ये भी है कि अगर शरीर से एंटीबॉडी खत्म हो गई और पता भी न चला तो? इसलिए लोगों को कहा जा रहा है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के नियम) का पालन करते रहें। चूंकि वायरस अभी नया है और वैक्सीन पहली बार बनी है तो इसके परिणाम आने में थोड़ा वक्त लगेगा।' 
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