प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस अध्ययन में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के 31 डॉक्टर्स ने भाग लिया। ये अध्ययन के जो निष्कर्ष दिए गए वे सभी आयु, समूह, मरीजों की हालत, सर्जरी की अर्जेंसी और किस तरह की सर्जरी है आदि के अनुसार थे। वहीं, इसमें जिन मरीजों को शामिल किया गया था। उसमें बाल चिकित्सा सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, सर्जरी, कार्डियक एनेस्थीसिया, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोएनेस्थेसिया और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के मरीज शामिल थे।