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सावधान: ब्लैक फंगस को हल्के में लेने की न करें भूल, भुगतने पड़ सकते हैं बुरे परिणाम, यहां जानें इससे जुड़ी हर बात

Wed, 19 May 2021 01:06 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

कोरोना की पहली लहर जितनी खतरनाक थी, उसके मुकाबले इस वायरस की दूसरी लहर भारत में काफी खतरनाक साबित हो रही है। जहां एक तरफ स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं, तो वहीं वायरस जिस तरह से अपना रूप बदल रहा है वो चिंता का विषय बना हुआ है। इन सबके बीच ब्लैक फंगस ने हर किसी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। इसके काफी मामले सामने आ रहे हैं। वैसे इस समस्या को म्यूकरमाइकोसिस कहते हैं, लेकिन आम भाषा में इसे ब्लैक फंगस कहा जाता है। वहीं, इसे हल्के में लेने की भूल बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं इससे जुड़े कई सवालों के जवाब।
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corona patient - फोटो : istock
सवाल: ब्लैक फंगस कैसे व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है?

जवाब: ब्लैक फंगस जिसे म्यूकरमाइकोसिस कहा जाता है। ये एक तरह का संक्रमण है और ये शरीर के कई हिस्सों पर अटैक कर सकता है। वहीं, अब तक जो मामले सामने आए हैं, उनमें आंखों की रोशनी जाने और नाक की हड्डी गलने के मामले सामने आ चुके हैं। यही नहीं अगर इसको लेकर लापरवाही बरती गई, तो जान तक जा सकती है। इसलिए इस वायरस की पहचान करके इसका समय रहते इलाज करना जरूरी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सवाल: इसके लक्षण क्या हैं?

जवाब: इसके कई लक्षण हैं, जिनसे आप इसे पहचान सकते हैं:-

-नाक या चेहरे पर कालापन या फिर लाल चकत्ते होना
-एक तरफ चेहरे पर सूजन आना
-दर्द होना
-पलकों पर सूजन
-आंखें लाल होना
-धुंधला या दोहरा दिखना
-सिरदर्द होना
-उल्टी में खून आना
-दांत में दर्द या दांत का हिलना
-सांस लेने में तकलीफ।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock/Pixabay
सवाल: किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा है?

जवाब: इससे तीन तरह के लोगों को ज्यादा खतरा है। पहले वो जिन लोगों की डायबिटीज नियंत्रित न हो, दूसरे वो जिन्हें कोरोना के इलाज के दौरान ज्यादा स्टेरॉयड दिया गया हो और तीसरे वो लोग जो कैंसर, ट्रांसप्लांट के मरीज हों या फिर जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सवाल: खुद का बचाव करने के लिए क्या कर सकते हैं?

जवाब: 
-आपको धूल वाली जगहों पर मास्क पहनकर रखना चाहिए 
-मिट्टी, काई या खाद जैसी चीजों के पास जाते समय जूते, ग्लव्स फूल स्लीव कमीज और ट्राउजर जरूर पहनें 
-खासतौर पर साफ-सफाई का ध्यान रखें 
-साथ ही डायबिटीज पर कंट्रोल, इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग ड्रग या स्टेरॉयड का कम से कम इस्तेमाल करके भी इससे बचा सकता है।
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black fungus - फोटो : istock
सवाल: इसका इलाज हो सकता है?

जवाब: बैल्क फंगस व्यक्ति के शरीर के अंदर का फंगल संक्रमण है, जो संक्रमित हिस्से में खून के बहाव को रोक देता है। इसी वजह से शरीर की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। ऐसे में पहले इसका इलाज एंटीफंगल दवाओं के जरिए किया जाता है। वहीं, जब जरूरत पड़ती है तो प्रभावित हिस्से को सर्जरी से निकालना भी पड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर्स द्वारा बार-बार ये कहा जा रहा है कि ब्लैक फंगस के लक्षणों को हल्के में न लें, और समय पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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