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Coronavirus: क्या कफ सिरप लेने से बढ़ जाएगा कोरोना का संक्रमण? जानिए वैज्ञानिक कारण

Sat, 13 Jun 2020 02:48 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कफ सिरप - फोटो : फाइल फोटो
कोरोना वायरस का संक्रमण प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस घातक वायरस से पूरा देश प्रभावित है। लेकिन युवा वर्ग पर ना ही इस बीमारी के लक्षण नजर आ रहे हैं और ना ही उन्हें पता चल रहा है कि वो संक्रमित हो गए हैं। खांसी, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या होने पर ज्यादातर युवा बिना किसी डॉक्टर के सलाह के कफ सिरप ले लेते हैं। हालांकि, ये समस्याएं कोरोना वायरस संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अमेरिका और इटली जैसे विकसित देशों में भी कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है। इन देशों के पास अपने नागरिकों को देने के लिए हर सुख-सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना ने इन्हें पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। नया वायरस होने की वजह से इसके बारे में शुरुआत में किसी को भी कोई जानकारी नहीं थी। आज के समय में कोरोना पर लगातार रिसर्च जारी है। हाल ही में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस बात पर परीक्षण किया कि अगर कोरोना से संक्रमित मरीज गले में दर्द और खांसी से राहत पाने के लिए कफ सिरप का सेवन करते हैं, तो उनके सेहत पर कैसा असर पड़ेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना से संक्रमित अफ्रीकी बंदरों पर इस शोध को किया गया। क्योंकि बंदरों पर किसी भी दवाई का असर ठीक उसी तरह होता है, जैसे इंसानों को कोई दवाई खाने के बाद होता है। इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना संक्रमित बंदरों में कफ सिरप के उपयोग से संक्रमण के मामले में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि कोरोना संक्रमण में बिना डॉक्टर के सलाह के कफ सिरप को इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए। आइए जानते हैं कफ सिरप से कैसे बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण...

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कफ सिरप से कैसे बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण?
कफ सिरप को बनाने में डेक्सट्रोमेथॉर्फेन ड्रग का उपयोग किया जाता है। इस दवाई के वजह से कोरोना संक्रमित मरीजों में समस्या कम होने की जगह बढ़ने लगती है। हमारे शरीर में डेक्सट्रोमेथॉर्फेन ड्रग पहुंचने के बाद, जिस तरह से काम करती है, उससे कोरोना को रेप्लिकेशन में मदद मिल जाता है। यूं कहें तो इस ड्रग के शरीर में पहुंचते ही कोरोना वायरस की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना संक्रमित मरीजों अगर कफ सिरप लेते हैं, तो उनके शरीर में कोरोना वायरस बढ़ जाएंगे। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हर मरीजों में वायरस की संख्या में यह वृद्धि का असर एक जैसा दिखेगा। आइए जानते हैं डेक्सट्रोमेथॉर्फेन ड्रग के बारे में...
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पाकिस्तान में कोरोना - फोटो : social media
डेक्सट्रोमेथॉर्फेन ड्रग क्या है?
डेक्सट्रोमेथॉर्फेन ड्रग कुछ इस तरह का कम्पोजिशन है, जिसका सेवन करने पर खांसी की समस्या में तेजी से आराम मिलता है। इसी वजह से हर कफ सिरप को बनाने में इस ड्रग को इस्तेमाल में लाया जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
शोधकर्ताओं की टीम इस बात पर रिसर्च कर रही है कि कोरोना से पहले इस तरह की बीमारियों को ठीक करने के लिए जिन दवाओं को उपयोग में लाया जाता है, उन दवाओं का असर कोरोना संक्रमित होने पर किस तरह से हो रहा है। टीम के द्वारा ऐसे ड्रग्स का कलेक्शन तैयार किया जा रहा है, जो वायरस को बढ़ने से रोकने का काम करती हैं।
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