प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
जर्नल पर्यावरण अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर क्विलियम और स्टर्लिंग के प्राकृतिक विज्ञान संकाय के सहयोगियों ने एक अध्ययन के जरिए पाया कि 33 दिन बाद तक भी ये वायरस मानव मल में पाया जा सकता है। प्रोफेसर क्विलियम ने कहा, 'हम जानते हैं कि कोविड-19 खांसी और छींकने से निकली बूंदों या संक्रमण वाली वस्तुओं या अन्य चीजों के जरिए फैलता है।' उन्होंने आगे जानकारी दी कि, ' इस बात की पुष्टि की गई है कि मरीज की कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आने के 33 दिन बाद तक ये वायरस मानव मल में भी पाया जा सकता है।'
स्रोत और संदर्भ:
Balaraman, V., Drolet, B. Mitzel, D. et al. (2021). Mechanical transmission of SARS-CoV-2 by house flies. Parasites and Vectors.
https://doi.org/10.1186/s13071-021-04703-8, https://parasitesandvectors.biomedcentral.com/articles/10.1186/s13071-021-04703-8
अस्वीकरण नोट: यह लेख पैरासाइट्स एंड वेक्टर्स में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। अमर उजाला राउटर्स के इस अध्ययन और दवा को लेकर कोई दावा नहीं करता है। बिना डॉक्टरी सलाह के दवा के इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।