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अध्ययन: घर की मक्खियां भी फैला सकती हैं कोरोना, जानें कितने दिन तक मानव मल में रहता है वायरस

Tue, 18 May 2021 01:36 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर लगातार जारी है। जहां एक तरफ अस्पताल में मरीज भर्ती हैं, तो वहीं एक्टिव केसों की संख्या भी काफी ज्यादा है। हर दिन काफी लोग मौत और जिंदगी के बीच में जंग लड़ रहे हैं। इन सबके बीच कई ऐसे अध्ययन सामने आए हैं, जिन्होंने इस वायरस के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं। इसी कड़ी में एक और अध्ययन बताता है कि घर की मक्खियों से सार्स COV-2 वायरस फैल सकता है। साथ ही ये वायरस व्यक्ति के मल में भी काफी दिनों तक जिंदा रहने जैसी बातें सामने आई है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
दरअसल, सार्स COV-2 ही कोरोना वायरस बीमारी का कारण बनता है। ये मुख्य रूप से हमार शरीर से निकलले वाले ड्रॉपलेट्स यानी बूंदों के जरिए फैलता है। जब संक्रमित व्यक्ति छींकता, बोलता या फिर खांसता है, तो नाक और मुंह के जरिए कुछ बूंदें निकलती हैं, जो एरोसोल में बदल जाती हैं। ये बूंदें जमीन या सतह पर चिपक सकती हैं। ऐसे में अगर इनके संपर्क में कोई आया तो वो इससे संक्रमित हो सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
वहीं, पैरासाइट्स एंड वेक्टर्स में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से निकली बूंदों के संपर्क में अगर कोई मक्खी आती है तो वो इन एरोसोल बूंदों को 24 घंटे तक रख सकती है। ऐसे में ये मक्खियां इस वायरस को फैला भी सकती हैं। इस रिसर्च में केन्सास स्टेट यूनिवर्सिटी एंड एग्रीकल्चरल रिसर्च सर्विस में संयुक्त राज्य अमेरिका के शोधकर्ताओं ने पाया कि जब मक्खिया बूंदों के संपर्क में आती हैं, तो ये सार्स COV-2 को 24 घंटे तक रख सकती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
यही नहीं, घर की मक्खियां भी सार्स COV-2 जीनोमिक आरएनए को आसपास के वातावरण में 24 घंटे बाद तक भी फैला सकती हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि मक्खियां 250 से ज्यादा विभिन्न रोगजनकों को ले जा सकते हैं। ये मक्खियां अपनी बाहरी सतह जैसे पैर, मुंह और पंखों के जरिए संक्रमण फैला सकती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जर्नल पर्यावरण अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर क्विलियम और स्टर्लिंग के प्राकृतिक विज्ञान संकाय के सहयोगियों ने एक अध्ययन के जरिए पाया कि 33 दिन बाद तक भी ये वायरस मानव मल में पाया जा सकता है। प्रोफेसर क्विलियम ने कहा, 'हम जानते हैं कि कोविड-19 खांसी और छींकने से निकली बूंदों या संक्रमण वाली वस्तुओं या अन्य चीजों के जरिए फैलता है।' उन्होंने आगे जानकारी दी कि, ' इस बात की पुष्टि की गई है कि मरीज की कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आने के 33 दिन बाद तक ये वायरस मानव मल में भी पाया जा सकता है।'

स्रोत और संदर्भ:
Balaraman, V., Drolet, B. Mitzel, D. et al. (2021). Mechanical transmission of SARS-CoV-2 by house flies. Parasites and Vectors.
https://doi.org/10.1186/s13071-021-04703-8, https://parasitesandvectors.biomedcentral.com/articles/10.1186/s13071-021-04703-8

अस्वीकरण नोट: यह लेख पैरासाइट्स एंड वेक्टर्स में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। अमर उजाला राउटर्स के इस अध्ययन और दवा को लेकर कोई दावा नहीं करता है।  बिना डॉक्टरी सलाह के दवा के इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।
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