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कोरोना अलर्ट: क्या आने वाली है तीसरी लहर? जानें विशेषज्ञ की राय से लेकर बचाव के तरीकों तक, सबकुछ यहां

Sat, 05 Jun 2021 04:27 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus - फोटो : पिक्साबे
साल 2019 के आखिरी कुछ महीनों में कोरोना वायरस ने चीन में दस्तक दे दी थी, और इसके बाद साल 2020 में धीरे-धीरे करके ये वायरस लगभग पूरी दुनिया में अपने पांव पसार चुका था। उस वक्त कोरोना की पहली लहर थी, और अब लगभग दुनिया के ज्यादातर देशों में इसकी दूसरी लहर आ चुकी है। वहीं, भारत भी इससे अछूता नहीं रहा और यहां तो इसने काफी कहर बरपाया। इन सबके बीच अब चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर काफी गर्म है कि क्या कोरोना वायरस की तीसरी लहर आएगी या नहीं? और अगर ये लहर आएगी, तो कब आएगी? इसका सबसे ज्यादा असर किस पर होगा? आखिर इस लहर को कैसे रोका या इससे बचा जा सकता है? जैसे कई सवाल इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। तो चलिए इन सब सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं। हम अगली स्लाइड्स में इनके बारे में जानेंगे...
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कोरोना की जांच - फोटो : पीटीआई
क्या कहना है नीति आयोग का?
  • दरअसल, नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने कहा कि भारत ने कोरोना की दूसरी लहर का सामना काफी अच्छे से किया, लेकिन अब तीसरी लहर से निपटने के लिए भी तैयारियां पूरी होनी चाहिए। सारस्वत ने ये भी कहा कि भारत के महामारी विशेषज्ञों ने इस बात के बहुत स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कोरोना की तीसरी लहर अपरिहार्य है और सितंबर-अक्टूबर से इसके शुरू होने की आशंका है। ऐसे में उन्होंने कहा कि देश को ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करना चाहिए।
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डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक, दिल्ली एम्स - फोटो : Amar Ujala
एम्स निदेशक का क्या कहना है?
  • एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की मानें, तो उनके मुताबिक सार्स संबंधी वायरस लहरों में ही आते हैं। उनका ये भी कहना है कि साल 1918 में जब महामारी आई थी, तब भी तीसरी लहर आई थी। हालांकि, तीसरी लहर के मामले दूसरी लहर की तुलना में काफी कम थे। उनका मानना है कि जब पाबंदियां हटने लगती हैं, तो लोग एहतियात बरतना कम कर देते हैं। ऐसे में वायरस को फिर से फैलने का मौका मिल जाता है। इसलिए लोगों को कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।

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Dr soumya swaminathan - फोटो : social media
क्या कहना है सौम्या स्वामीनाथन का?
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन बीते दिनों तीसरी लहर को लेकर कहा चुकी हैं कि, भारत में अभी कोरोना की कई और लहरें भी आ सकती हैं। ऐसे में ये महत्वपूर्ण रहेगा कि भारत आने वाले 6-18 महीनों में कोरोना वायरस के इस संकट से निपटने के लिए कैसी तैयारी करता है। उन्होंने बच्चों के लिए इसे काफी खतरनाक बताते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों का खास ध्यान रखना होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
तीसरी लहर से बच्चों को ज्यादा खतरा
  • विशेषज्ञ से लेकर डॉक्टर तक तीसरी लहर आने की आशंका जाहिर कर चुके हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि इस तीसरी लहर में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है। ऐसे में सरकारें अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कर रही हैं। लेकिन अगर आप चाहें तो घर पर कुछ सावधानियां बरतकर भी अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ऐसे रखें बच्चों का ध्यान:-

-हेल्दी आहार और प्रोटीन से भरपूर खाना दें
-बच्चों को तरल पदार्थ दे सकते हैं, जैसे- जूस, नारियल पानी या फिर फलों का सेवन करवा सकते हैं
-पूरी नींद लेने को कहें 
-हल्का व्यायाम करवाएं
-मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें
-जंक फूड का सेवन न करने दें
-अच्छी मात्रा में पानी पिलाएं
-घर के बाहर न जाने दें आदि।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : istock
ये लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत करें संपर्क
  • सारी सावधानियां बरतने के बाद भी अगर आपको अपने बच्चें में जैसे- नाक में दिक्कतें, सांस लेने में परेशानी, भूख न लगना, ऑक्सीजन की कमी या ऑक्सीजन लेवन का गिरना, तेज बुखार आना और लंबे समय तक बुखार का रहना, उल्टी-दस्त आदि ये लक्षण दिखें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण नोट:  यह लेख नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत, एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन द्वारा कही गई बातों के आधार पर और डॉक्टर राजन गांधी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह के बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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