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Coronavirus: आखिर क्यों मना किया गया बुखार की इस दवा का इस्तेमाल, दावे में कितनी सच्चाई?

Fri, 20 Mar 2020 11:49 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Medicine - फोटो : Pixa
कोरोना वायरस के संक्रमण के देश और दुनिया में रोजाना ही नए मामले सामने आ रहे हैं। विश्वभर के कई देश इसके उपाय और इलाज के लिए रिसर्च में लगे हुए हैं, जिनमें कई सारे रिसर्च के अच्छे परिणाम भी आए हैं। इन शोधों के जो परिणाम आ रहे हैं, उसके अनुसार स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं। इस बीच हाल में ही एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में बुखार और दर्द की एक दवा का इस्तेमाल करने से मना किया गया है। वहीं इसको लेकर यह भी कहा जा रहा है कि मरीज में कैसे लक्षण नजर आ रहे हैं और डॉक्टरों की सलाह क्या है, इस बात पर भी दवा की मनाही निर्भर करती है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से:
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि बुखार, दर्द और सूजन में ली जाने वाली दवा आई-ब्रूफेन (Ibuprofen) का इस्तेमाल करने की जगह पैरासिटामोल (Paracetamol) का इस्तेमाल करना ज्यादा सही है। ऐसा कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण वाले लोगों से कहा गया है। हालांकि बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से ऐसी कोई सलाह नहीं दी गई है कि कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीज आई-ब्रूफेन का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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medicine
दरअसल, कोरोना के शुरुआती लक्षण तेज बुखार, बदन दर्द जैसी समस्याओं से मेल खाते हैं, ऐसे में लोगों द्वारा आई-ब्रूफेन दवा का प्रयोग आम बात है। स्टडी में किए गए दावे के अनुसार, एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स के इस्तेमाल से बढ़ने वाला एक एंजाइम नए कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को बढ़ा सकता है। बुखार की दवा आई-ब्रूफेन भी एक प्रकार का एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
फ्रांस की टॉलॉस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर जीन लूइस मॉन्टेसट्रस ने ट्विटर पर लोगों को सलाह दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था- कोरोना वायरस के इस दौर में इस बात का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है कि अगर बुखार है या फिर संक्रमण के लक्षण हैं तो एनएसएआईडी लेना खतरनाक हो सकता है। 

इसके बाद फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ऑलिवरवेरन ने भी ट्वीट किया कि एंटी-इंफ़्लेमेटरी ड्रग्स संक्रमण के बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। इस ट्वीट को 45 हजार से भी ज्यादा लोगों ने री-ट्वीट किया। लेकिन ऑलिवरवेरन ने ये भी मेंशन किया था कि अगर आप ऐसी कोई दवा ले रहे हैं तो उसे बंद करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा कि यदि कोई मरीज खुद दवा ले रहे हों तो हम उन्हें पैरासिटामोल लेने की सलाह देंगे, आई-ब्रूफेन नहीं। बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग पहले से ही किसी मेडिकल कंडिशन के लिए ब्रूफेन ले रहे हैं, उन्हें भी ऐसा नहीं कहा गया है कि वो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। अगर उन्हें इसका इस्तेमाल बंद करना भी है तो इसके लिए डॉक्टर की सलाह लेकर ही कोई फैसला करना चाहिए।
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