प्रतीकात्मक तस्वीर
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वो कहते हैं, 'अब प्लाज्मा थेरेपी को लेकर आईसीएमआर और दिल्ली सरकार के पास जो डेटा है वो वैज्ञानिकों को देना चाहिए ताकि वो इसका सही आकलन कर सकें, क्योंकि अब आर्थिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं, कहीं किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, राजनीतिक रैलियां चल रही हैं, वहीं सर्दियां शुरू हो रही हैं और हम प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता देख रहे हैं। ऐसे में अभी कोरोना की दूसरी लहर आना बाकी है। हालांकि संक्रमितों की संख्या कम हो रही है लेकिन स्थिति गंभीर है।' वे कहते हैं, 'लोगों को ही एहतियात बरतनी होगी, क्योंकि वैक्सीन कब आएगी, कितनी और कब तक प्रभावी होगी ये देखना होगा।'