फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संक्रमित मां के दूध से कोरोना मरीजों को बचाने की तैयारी, मरीजों को आइस क्यूब बनाकर दिए जाएंगे: शोध

Tue, 25 Aug 2020 10:48 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
Breast milk, Coronavirus Treatment - फोटो : Amar Ujala
कोरोना महामारी के खिलाफ चल रहे वैश्विक जंग में वैज्ञानिकों को वैक्सीन, दवा और इलाज के अन्य तरीकों पर कामयाबी मिलती आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगेगी। कोरोना के इलाज के लिए कई तरह की दवाएं भी उपलब्ध हैं और अब पहले की अपेक्षा अब कोरोना मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। इसके इलाज के विकल्प खोजने के क्रम में वैज्ञानिकों को मां के दूध यानी ब्रेस्ट मिल्क में उम्मीद दिखी है। संक्रमित होकर ठीक हो चुकीं महिलाओं के दूध में एंटीबॉडी मिलने के बाद वैज्ञानिक इस दिशा में शोधरत हैं कि ब्रेस्ट मिल्क से कोरोना मरीजों को ठीक किया जाए। 
विज्ञापन

2 of 7
Breast Feeding - फोटो : Social Media
  • डेली मेल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना मरीजों को बचाने के लिए अब मां के दूध का सहारा लिया जाएगा। कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुकीं 30 महिलाओं के दूध में कोरोना वायरस के प्रति एंटीबॉडी पाए जाने के बाद डच वैज्ञानिकों को उम्मीद नजर आई है। उनकी योजना है कि प्लाज्मा थेरेपी की तरह मां के दूध का इस्तेमाल कर पॉजिटिव मरीजों में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा पैदा की जाए और उनकी जान बचाई जाए।
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दूध के आइस क्यूब 
शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमित मां के दूध का आइस क्यूब यानी बर्फ के टुकड़े बनाकर मरीजों को चूसने के लिए दिए जाए तो उनमें ज्यादा इम्यूनिटी बनेगी। डच ब्रेस्ट मिल्क बैंक के प्रमुख और इस अध्ययन के शोधकर्ता व्रिट सैम कहते हैं कि इस तरह तैयार आइस क्यूब चूसने से मरीजों के शरीर में मौजूद सभी म्यूकस मेंबरेंस में एंटीबॉडी पहुंच जाएगी। शरीर के श्वसन तंत्र और अन्य हिस्सों में बाहरी रोगाणुओं के प्रवेश से रोकने का काम म्यूकस के जिम्मे होता है। जब इसमें एंटीबॉडी प्रोटीन मिल जाएगी तो कोरोना वायरस के स्पाइक शरीर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।  

4 of 7
milk - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ता ब्रिट वैन कुलेन का कहना है कि  घर में रहकर कोरोना वायरस का इलाज करा रहे बुजुर्गों को ये आइस क्यूब देने से बहुत लाभ होगा। साथ ही वे लोग भी लाभान्वित होंगे, जो कोरोना वायरस के उच्च जोखिम वाले समूह में आते हैं। 
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला आधारित इस अध्ययन में संक्रमित हो चुकीं 30 महिलाओं(नवजात शिशु की मांओं) के दूध में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी पाई। शोधकर्ताओं ने पाया कि ये एंटीबॉडी इतनी शक्तिशाली हैं कि इससे स्वस्थ और संक्रमित लोगों के शरीर में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी पैदा की जा सकती है। 
विज्ञापन

6 of 7
Research - फोटो : Pixabay
पांच हजार महिलाएं दूध दान करेंगी
  • वैज्ञानिकों ने अपील की है कि पॉजिटिव और स्वस्थ हो चुकीं शिशुवती महिलाएं 100-100 मिलीग्राम दूध दान करें ताकि दूध के महत्व पर और ज्यादा शोध अध्ययन हो सके। दूध दान करने के लिए करीब पांच हजार महिलाएं आगे आई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Coronavirus New Research - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • यह अध्ययन नीदरलैंड स्थित एमा चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल और अन्य अस्पतालों के संयुक्त सहयोग से हो रहा है, जिसका पहला चरण अप्रैल में पूरा हुआ था। वैज्ञानिकों इस दिशा में लगातार शोध कर रहे हैं। वैज्ञानिकों को इसमें कामयाबी मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो कोरोना के इलाज के लिए एक और विकल्प दुनिया के सामने होगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें