भारत में कोरोना
- फोटो : पीटीआई
वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये नए स्ट्रेन के कारण ही ऐसा हो रहा है। वे मानते हैं कि आरटी-पीसीआर टेस्ट पहले भी सौ प्रतिशत सटीक नहीं थे। इस मामले को लेकर जब हमारी डॉक्टर अनिल डोंगरे (इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी) से बातचीत हुई, तो उन्होंने बताया कि, कोरोना वायरस के अभी इतने म्यूटेंट वायरस हैं कि कई बार ये नाक व गले में वायरल लोड बहुत ज्यादा नहीं होता, जिसकी वजह से ये वायरस आरटी-पीसीआर टेस्ट में पकड़ नहीं आता।