फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus: कोरोना की जांच के लिए वैज्ञानिकों ने बनाया खास चिप, 55 मिनट में फोन पर ही मिल जाते हैं नतीजे

Fri, 26 Feb 2021 08:56 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस ने अब तक दुनियाभर में 11 करोड़ 35 लाख से भी अधिक लोगों को संक्रमित कर दिया है, जबकि 25 लाख से अधिक लोगों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए अभी भी कोरोना का टेस्ट सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके लिए तरह-तरह के यंत्र विकसित किए जा रहे हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खास चिप विकसित की है, जो टिकट के आकार की है और यह कोरोना की जांच को बेहद ही आसान बना देगी। इस जांच के नतीजे 55 मिनट से भी कम समय में मिल जाएंगे और वो भी स्मार्टफोन पर। इस खास चिप को अमेरिका के 'राइस यूनिवर्सिटी' के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। 
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यह माइक्रोफ्लूइडिक चिप उंगली से लिए गए खून के नमूने में कोविड-19 के न्यूक्लियोकैप्सिड (एन) प्रोटीन का विश्लेषण करती है। इससे जुड़े अध्ययन को 'एसीएस सेंसर्स' नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के मुताबिक, यह चिप उंगली पर सुई चुभाकर लिए गए रक्त सीरम से कोविड-19 के न्यूक्लियोकैप्सिड प्रोटीन की सांद्रता को मापता है, जो कोविड-19 का एक बायोमार्कर है।
विज्ञापन

3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना के आरटी-पीसीआर जांच की तुलना में जांच का यह तरीका बहुत ही आसान है। शोधकर्ताओं की टीम के सदस्य पीटर लिलीहोज ने कहा, 'इस चिप की मदद से कोरोना जांच से संबंधित पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल आसान है, क्योंकि इसके लिए लैब की कोई जरूरत नहीं होती।' 
विज्ञापन

4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस खास चिप की मदद से कोरोना की जांच के लिए शोधकर्ताओं ने स्वस्थ लोगों और कोविड-19 से संक्रमित लोगों के खून के नमूनों लिए और जांच की। शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिकतम 55 मिनट में यह माइक्रोचिप सार्स कोव-2 एन प्रोटीन का पता लगा लेती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राइस यूनिवर्सिटी के ही शोधकर्ताओं ने पिछले साल मलेरिया का पता लगाने के लिए 'माइक्रोनीडल पैच' विकसित किया था। 

नोटः यह लेख एसीएस सेंसर्स नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें शोध के बारे में विस्तार से बताया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें