प्रतीकात्मक तस्वीर
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लैंसेट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने स्वीकार किया है कि लॉकडाउन, समारोहों पर रोक जैसे मौजूदा प्रतिबंधों से जनता में व्यापक तौर पर कम भरोसा पैदा हुआ है। साथ ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के डर से लोगों के अंदर हर्ड इम्यूनिटी को लेकर दिलचस्पी पैदा हुई है। हालांकि सभी वैज्ञानिकों ने इस बात पर जोर दिया है कि कोरोना संक्रमण से प्रतिरक्षा पर निर्भर हर्ड इम्यूनिटी जैसी कोई भी महामारी प्रबंधन रणनीति त्रुटिपूर्ण है।