कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
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हम क्या कर सकते हैं?
लेकिन वे कौन से कदम हैं जिनसे हम कम से कम अपने हाथों से चेहरे को छूने की संख्या को कम करते हैं। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के सहयोगी रहे कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और बिहेवियरल साइंस के विशेषज्ञ माइकल हॉलस्वर्थ मानते हैं कि ये कहना आसान है कि ऐसा न किया जाए लेकिन असल में इस सलाह को अमल में लाना मुश्किल है।
हॉलस्वर्थ बीबीसी को बताते हैं, "लोगों को कुछ ऐसा करने के लिए कहना जो अनजाने में होता है एक बड़ी समस्या है, इससे ज्यादा आसान ये है कि लोग अपने हाथों को बार-बार धोते रहें, ताकि वे अपने चेहरे को कम बार छू सकें। अगर आप किसी से वो काम करने को कहेंगे जो कि वो अंजाने में करता हो तो ऐसी सलाह देने से कोई फायदा नहीं होगा।"
हालांकि, हालस्वर्थ मानते हैं कि कुछ चीजें हैं जो आपकी मदद कर सकती हैं। इनमें से एक यह है कि हमें ये पता हो कि हम अपने चेहरों को कितनी बार छूते हैं। "जब यह (चेहरा छूना) खुजली मचाने की जरूरत जैसी शारीरिक मांग बन जाए तो हम सजग रहकर अपने बचाव में कदम उठा सकते हैं, जैसे कि हम अपने उल्टे हाथ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे जोखिम कम होता है चाहें ये समस्या का समाधान हो या न हो।"