Coronavirus Precautions Tips : कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट का जोखिम फिर बढ़ने लगा है। चीन से निकले BF.7 वेरिएंट के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। हालांकि अध्ययनों में पाया गया है कि BF.7 वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं, लेकिन जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, या फिर जो कोमोरबिडिटी के शिकार हैं, यह वैरिएंट उनके लिए समस्या का कारण भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते रहने की सलाह दी है। इसी बीच एक अध्ययन रिपोर्ट से पता चला है कि कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना का खतरा ज्यादा हो सकता है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने एक स्टडी रिपोर्ट जारी करते हुए खुलासा किया कि ऐसे तीन ब्लड ग्रुप वाले लोग हैं, जिन्हें कोरोना का खतरा सबसे अधिक है। वहीं कुछ ऐसे ब्लड ग्रुप के लोग भी हैं, जिनमें कोरोना होने का खतरा कम है। अगली स्लाइड्स में जानिए सर गंगा राम अस्पताल की कोरोना के जोखिम पर जारी स्टडी रिपोर्ट के बारे में और किन ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
ब्लड ग्रुप और कोरोना संक्रमण पर अध्ययन
सर गंगा राम अस्पताल के अध्ययन में कोविड पॉजिटिव मरीजों को शामिल किया गया। इन मरीजों में वह लोग शामिल थे, जो अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2020 तक अस्पताल में भर्ती हुए थे। 6 महीने की अवधि पर आधारित इस स्टडी से ज्ञात हुआ कि ए ब्लड ग्रुप, बी ब्लड ग्रुप और आरएच पॉजिटिव (RH+) लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
कौन से ब्लड ग्रुप पर कोरोना का खतरा ज्यादा
दरअसल, एबीओ और आरएच ब्लड ग्रुप को साथ जोड़ा गया। स्टडी में पाया गया कि अलग-अलग ब्लड ग्रुप में कोरोना होने की फ्रीक्वेंसी है। इसमें ए ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 29.93 फीसदी है। बी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 41.8 फीसदी, ओ ब्लड ग्रुप की 21.19 % फ्रीक्वेंसी और एबी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 7.89% रही।
आरएच पॉजिटिव कोविड के प्रति अधिक संवेदनशील