प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता मुकेश कुमार कहते हैं, 'हमारी यह सोच कि यह (कोरोना वायरस) सांस की बीमारी है, जरूरी नहीं कि यह सच हो। एक बार जब यह मस्तिष्क को संक्रमित करता है तो यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि मस्तिष्क आपके फेफड़ों, हृदय, सब कुछ को नियंत्रित करता है। मस्तिष्क एक बहुत ही संवेदनशील अंग है, यह शरीर के लिए केंद्रीय प्रोसेसर की तरह है।