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Coronavirus: कोरोना संक्रमण से बनी एंटीबॉडी से पांच महीने तक मिलती है सुरक्षा, नए शोध में खुलासा

Fri, 15 Jan 2021 11:09 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के संक्रमण से बनी इम्यूनिटी कितने समय तक रहती है, इसको लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कोरोना का संक्रमण पांच महीने के लिए प्रतिरक्षा प्रदान करता है, यानी एक बार अगर आप कोरोना से संक्रमित हो गए, तो आपके शरीर में बनी इम्यूनिटी आपको वायरस से कम से कम पांच महीने तक सुरक्षा प्रदान करेगी। यह अध्ययन पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड द्वारा किया गया है। अध्ययन में पाया गया कि संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोगों को कोरोना से, उन लोगों की तुलना में 83 फीसदी कम खतरा होता है, जो पहले संक्रमित नहीं थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
हालांकि शोधकर्ताओं ने चेतावनी भी दी है कि सुरक्षा पूर्ण नहीं है, इसका मतलब है कि कुछ लोग दोबारा से संक्रमित हो सकते हैं। यह भी संभव है कि जिनके पास वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा है, वे अभी भी वायरस को अपनी नाक या गले में ले जाने में सक्षम हो सकते हैं और इसे दूसरों तक पहुंचा सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अध्ययन के लिए पिछले साल जून से नवंबर के बीच पूरे ब्रिटेन में लगभग 21 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों का नियमित परीक्षण किया गया। इसमें पाया गया कि इनमें से 6,614 लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ पहले से ही एंटीबॉडी मौजूद थी, जबकि 14 हजार से अधिक लोगों में पिछले संक्रमण के कोई संकेत नहीं थे। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह अध्ययन अब भी जारी रहेगा, यह देखने के लिए कि क्या कोरोना से लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है, लेकिन इतना तो पता चल ही गया है कि कोरोना की पहली लहर में संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोग अब दोबारा से संक्रमित होने की स्थिति में आ गए हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जो लोग कोरोना से पहले संक्रमित हो चुके हैं, वो इस वायरस से उतने ही सुरक्षित हैं जितना कि लोग वैक्सीन लेने के बाद होते हैं। हालांकि अब इस अध्ययन में कोरोना के नए स्ट्रेन के प्रभाव और कोविड-19 टीकों की प्रभावशीलता पर भी ध्यान दिया जाएगा। 
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