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Coronavirus: कोरोना के नए संक्रामक रूप से कैसे करें बचाव? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Tue, 22 Dec 2020 01:57 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से पहले से ही लोग काफी परेशान हैं, क्योंकि इसने दुनियाभर में अब तक सात करोड़ 77 लाख से भी अधिक लोगों को संक्रमित कर दिया है जबकि इस वायरस की चपेट में आकर 17 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और अब ब्रिटेन में मिले इसके नए रूप ने और चिंता बढ़ा दी है। कोरोना के इस नए रूप को अधिक संक्रामक बताया जा रहा है और इसलिए भारत समेत कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि ये जो कोविड-19 वायरस म्यूटेट हो रहा है, क्या इसपर वैक्सीन कारगर होगी? कोरोना के इस नए स्ट्रेन से कैसे बचा जा सकता है? इसके अलावा विशेषज्ञ से यह भी जानने की कोशिश करते हैं कि ठंड ज्यादा होती है तो क्या वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है? 


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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन पर क्या कहेंगे? 
  • दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'वायरस अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए म्यूटेट करते रहते हैं। कोरोना वायरस के कई स्ट्रेन पहले भी पाए जा चुके हैं, लेकिन उनका ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला। ब्रिटेन में अब जो नए मामले सामने आ रहे हैं, वो न्यू म्यूटेटेड वायरस से संक्रमण के हैं। ऐसा पाया गया है कि इसके फैलने की तीव्रता बहुत अधिक है। इसीलिए वहां पर लॉकडाउन वाली स्टेज आ गई है। कई देशों ने यूके से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद कर दी हैं, ताकि दूसरे देशों में यह नया स्ट्रेन नहीं फैले। इससे घबराने के बजाय अगर हम नियमों का पालन करें तो हर प्रकार के स्ट्रेन से बच सकते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड-19 वायरस म्यूटेट हो रहा है, तो क्या वैक्सीन कारगर होगी? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'वायरस का म्यूटेशन और वैज्ञानिकों का उसपर शोध निरंतर चलने वाली प्रक्रियाएं हैं। इन्फ्लूएंजा वायरस तो कोरोना की तुलना में और तेजी से म्यूटेट करता है। वैज्ञानिक निरंतर उसका अध्ययन करते रहते हैं और हर साल फ्लू की नई वैक्सीन आती है। इसी प्रकार कोविड-19 का अध्ययन भी निरंतर जारी रहेगा और जरूरत के मुताबिक वैक्सीन में परिवर्तन किया जाएगा।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जो बीमार रहते हैं, क्या वे लोग सर्दियों में ठंडे पानी से नहा सकते हैं? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'सर्दी के मौसम में जब हम ठंडे पानी से नहाते हैं, तब शरीर के तापमान में अचानक गिरावट आती है, जिससे हमारे शरीर की धमनियां सिकुड़ती हैं, उससे हृदय, मस्तिष्क या अन्य अंगों में रक्त का संचार अचानक कम हो जाता है। इससे आपको नुकसान होने की संभावना हो सकती है। इसलिए शरीर के तापमान को मौसम के तापमान के अनुकूल बनाए रखें। हल्के गुनगुने पानी से भी स्नान करें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ठंड ज्यादा होती है तो क्या वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'हर प्रकार के वायरस ठंड के मौसम में ज्यादा देर तक जिंदा रहते हैं। ज्यादातर वायरस सर्दी के मौसम में तेजी से फैलते हैं। उत्तर भारत की बात करें तो यहां नवंबर, दिसंबर, जनवरी में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार भी ज्यादा होता है। चूंकि कोविड-19 नया वायरस है, इसलिए यह आगे की ठंड में कैसे व्यवहार करेगा, यह कहना अभी मुश्किल है।' 
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