फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के बीच वायरस के म्यूटेशन का कहर, नए स्ट्रेन से फैले 85 फीसदी मामले: अध्ययन

Thu, 05 Nov 2020 12:48 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से एक बार फिर दुनिया के कई देश सशंकित हैं। बीते कुछ महीनों में कोरोना के नए मामले कम हो रहे थे, लेकिन अब नए मामलों की संख्या एक बार फिर से बढ़ने लगी है। यूरोप के कई देश दोबारा लॉकडाउन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इटली, स्पेन, ब्रिटेन जैसे देशों में सरकारों के सामने संक्रमण की रफ्तार कम करने की चुनौती है। दुनियाभर के कई विशेषज्ञों ने सर्दियों में कोरोना का कहर बढ़ने की आशंका जताई है। कोरोना वायरस के म्यूटेशन यानी रूप बदलने की प्रवृत्ति को वैज्ञानिक शुरू से ही खतरनाक बताते आ रहे हैं। अब एक बार फिर कोरोना वायरस के म्यूटेशन को दुनियाभर में बढ़ते संक्रमण का कारण बताया जा रहा है। 
विज्ञापन

2 of 6
Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
अमेरिका में हुए एक नए अध्ययन के मुताबिक, कोरोना के म्यूटेशन से तैयार होने वाला वायरस अब हावी हो रहा है। अमेरिका के टेक्सास के अस्पताल में भर्ती हुए पांच हजार मरीजों पर किए गए अध्ययन में बताया गया है कि ज्यादातर नए मामलों के लिए कोरोना का बदला रूप यानी D614G स्ट्रेन जिम्मेदार है। बीते अगस्त  में मलयेशिया में भी यह स्ट्रेन पाया गया था, जिसके बारे में कहा जा रहा था कि यह 10 गुना ज्यादा संक्रामक है।
विज्ञापन

3 of 6
Coronavirus - फोटो : Pixabay
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कोरोना वायरस का नया रूप मूल वायरस से अधिक संक्रामक है। इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पांच हजार कोरोना मामलों के लिए जिम्मेदार वायरस के स्ट्रेन का विश्लेषण किया, तो यह जानकारी सामने आई है। बता दें कि सबसे पहले यूरोप में कोरोना वायरस के D614G स्ट्रेन फैलने की जानकारी सामने आई थी।

4 of 6
Coronavirus - फोटो : Pexels
पहली बार फरवरी में यूरोप में कोरोना वायरस के D614G स्ट्रेन की जानकारी मिली थी, जो कुछ ही हफ्ते में यूरोप से अमेरिका और फिर एशियाई देशों में फैल गया। वैज्ञानिक अभी भी इस बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर क्यों SARS-CoV-2 का यह रूप दुनिया के बड़े हिस्से में तेजी से फैला। 
विज्ञापन

5 of 6
Coronavirus - फोटो : Pixabay
कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में वायरस के D strain से ज्यादातर लोग संक्रमित हो रहे थे, लेकिन  मार्च तक D614G स्ट्रेन दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैल गया था और कुल संक्रमण में एक चौथाई मामलों के लिए इसे ही जिम्मेदार बताया गया। वहीं, मई तक D614G स्ट्रेन वाले केस की संख्या 70 फीसदी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Coronavirus Survive - फोटो : Pixabay
अब दुनिया के कुल मामलों में से 85 फीसदी से ज्यादा संक्रमण फैलने का जिम्मेदार D614G स्ट्रेन को बताया जा रहा है। बता दें कि इस अध्ययन से पहले अगस्त में सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी के सीनियर कंसल्टेंट पॉल तांबयाह ने भी कोरोना वायरस के D614G स्ट्रेन के अधिक संक्रामक होने के बारे में बताया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि मूल वायरस की तुलना में यह कम जानलेवा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें