बंदर (सांकेतिक तस्वीर)
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शोधकर्ताओं ने बंदरों पर दूसरी रिसर्च भी की। इस बार 25 बंदरों को शामिल किया गया। उनमें से आठ बंदरों को हाल में तैयार छह तरह की वैक्सीन (प्रोटोटाइप) दी गईं और प्रभाव देखा गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिन बंदरों को वैक्सीन दी गईं वे सुरक्षित रहे और जिन्हें वैक्सीन नहीं मिली, उनकी नाक और फेफड़े में कोरोना वायरस मिले।