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विशेषज्ञ से जानें: क्या होता है पोस्ट क्रोनिक कोविड? ये लक्षण हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं

Thu, 06 May 2021 12:04 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामले में एक बार फिर बड़ा उछाल आया है। पिछले तीन दिन से संक्रमण के मामले थोड़े कम आ रहे थे, लेकिन गुरुवार को एक बार फिर रिकॉर्ड 4.12 लाख से अधिक नए कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि 3,900 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। देश भर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत जारी है और इस वजह से सैकड़ों लोग बिना इलाज के ही दम तोड़ रहे हैं। हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि लाखों लोग रोजाना संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
15 दिन से अगर 100 डिग्री बुखार है, लेकिन कोविड रिपोर्ट नेगेटिव है तो क्या करें? 
  • लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'ये एक तरह का पोस्ट कोविड सिंड्रोम है। इसे तीन भाग में बांट सकते हैं। पहला, अगर कोविड पॉजिटिव है और हल्के लक्षण के बाद मरीज ठीक हो गया है। ये तीन हफ्ते का समय होता है, इसे कोविड फेज कहते हैं। अगर तीन हफ्ते से लेकर तीन महीने तक कोई लक्षण हैं, तो इसे पोस्ट एक्यूट कोविड कहते हैं। उसके तीन महीने से आगे भी लक्षण होते हैं तो उसे पोस्ट क्रोनिक कोविड कहते हैं। इसमें अक्सर कमजोरी, थकान, चक्कर आना, घबराहट, पसीना निकलना, कभी-कभी बुखार होता है। इसमें ज्यादातर कई बार लक्षण साइकोलॉजिकल होते हैं, क्योंकि मरीज कोविड के बाद खौफ में रहता है। इसके अलावा कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं, इस वजह से भी ऐसे लक्षण आते हैं। कई लोगों में सांस लेने में भी परेशानी आती है। लेकिन घबराएं नहीं, कुछ दिन में खुद ठीक हो जाएंगे और अगर परेशानी ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
गरम पानी से भाप कितनी देर और कितनी बार लेनी चाहिए? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'ये लोगों को जानना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि कई लोग इतना ज्यादा ले लेते हैं कि उनके गले में समस्या हो जाती है। इसलिए एक दिन में दो बार यानी सुबह-शाम भाप ले सकते हैं और वो भी पांच मिनट तक।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में हो रहे सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर क्या कहेंगे? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'एक मई से जब से 18+ वालों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई है, तब से युवाओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। करोड़ों लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और जब युवा साथ आ गए हैं तो निश्चित ही कोरोना से जंग हम जीतेंगे। लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझ रहे हैं, इसी वजह से भारत दुनिया में सबसे तेजी से वैक्सीन लगाने वाला देश बन गया है। लेकिन इस बीच सभी को ये नहीं भूलना है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपाय) का पालन करना है। तभी कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद संक्रमण होने पर दूसरी डोज कब ले सकते हैं? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'अगर वैक्सीन की पहली डोज के बाद संक्रमण हो गया है और दूसरी डोज दो हफ्ते के अंदर आ रही है तो उसे आगे बढ़ा सकते हैं। जैसे दो डोज के बीच का अंतर छह से आठ हफ्ते का है तो उसे आगे बढ़ा सकते हैं। जब आप निगेटिव और पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएं, उसके दो हफ्ते बाद ले सकते हैं। लेकिन दूसरी डोज को 12 हफ्ते के अंदर लगवाना है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अब जब सभी के लिए वैक्सीनेशन सेंटर खोल दिया गया है तो क्या दूसरी डोज वालों को प्राथमिकता दी जाएगी? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'जी हां, अगर किसी ने पहली डोज लगवा ली है और उसे कोई समस्या नहीं है तो तय दिन पर ही दूसरी डोज लेनी है। उन्हें सेंटर पर भी प्राथमिकता मिलेगी, क्योंकि ऐसे लोगों को और देर नहीं कर सकते हैं। जल्द से जल्द देश में 80 प्रतिशत जनता को वैक्सीन की दोनों डोज लगानी है, जिससे हर्ड इम्यूनिटी बन सके। इसके अलावा अगर कोई दूसरे शहर में चला गया है तो तय दिन ही वो पहली डोज का प्रमाण पत्र लेकर दूसरे शहर में भी दूसरी डोज लगवा सकता है।' 
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