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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना वायरस के कप्पा वैरिएंट से लोगों को कितना खतरा?

Sun, 11 Jul 2021 04:13 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। बीते 24 घंटे में 41 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि 895 लोगों की मौत हुई है। ये आंकड़े अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। हालांकि अब कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 97.20 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल इस बीमारी से उबरने वाले मरीजों की संख्या दो करोड़ 99 लाख से अधिक है। वही, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक लोगों को 37.60 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। लेकिन इस बीच कोरोना के नए-नए वैरिएंट्स ने तो इन चिंताओं को दोगुना कर दिया है। देश में पहले वायरस के डेल्टा वैरिएंट ने तबाई मचाई और अब डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वायरस के डेल्टा प्लस के बाद अब कप्पा वैरिएंट का केस आया है, इससे कितना खतरा है? 
  • दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'अब तक दुनिया में कोविड के 100 से भी ज्यादा वैरिएंट आ चुके हैं। इसलिए वैरिएंट पर बहुत ज्यादा ध्यान देने के बजाय, हमें सिर्फ बचाव पर फोकस करना है। लोगों को वही मास्क, हाथ की स्वच्छता और सुरक्षित दूरी का पालन करना है, क्योंकि कोई भी वैरिएंट हो, शरीर में प्रवेश सभी एक जैसे ही करते हैं। जहां तक नए वैरिएंट के खतरनाक होने की बात है, तो अभी एक ही केस सामने आया है, इसलिए कुछ कहा नहीं जा सकता है। किसी को बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की दूसरी लहर कम हो गई है, कितना खतरा अभी बना हुआ है? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'कुछ समय पहले कोविड केस जो आसमान पर पहुंच गए थे, अब एक तरह से जमीन पर आ गए हैं। लेकिन यहां ये ध्यान रखना है कि केस कम हुए हैं, खत्म नहीं। अगर हम लापरवाही करेंगे तो केस एक बार फिर तेजी के साथ बढ़ने लगेंगे। इसके साथ ही जिस तरह से लोग इस वक्त रिलैक्स हो रहे हैं, बाहर निकलें, काम करें, लेकिन नियमों की अनदेखी न करें।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चे जो घर में पैक हो गए हैं, उन्हें तनाव से दूर रखने के लिए क्या करें? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'इस समय जिस तरह का माहौल है, उसमें बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वह अपने दोस्तों से मिलना, नई चीजें सीखना आदि नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें व्यस्त रखने की कोशिश करें। उन्हें ऑनलाइन क्लासेज में बैठाएं। ऐसा न करें कि दिनभर बच्चे फोन-लैपटॉप और टीवी में ही उलझे रहें। माता-पिता या घर में बड़े-बुजुर्ग के साथ बैठने को कहें, ताकि उनके अनुभव से बच्चे कुछ सीखें। इनडोर गेम में बच्चों के साथ हिस्सा लें। घर में ही शारीरिक क्रियाएं कराते रहें। उन्हें पेंटिंग, क्राफ्ट आदि सिखाएं। आज कल तो कई वीडियो भी उपलब्ध हैं, जिसे देख कर बच्चे बहुत कुछ सीख सकते हैं।'  
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार या दर्द न हो, इसलिए पहले ही पैरासिटामोल ले सकते हैं? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'वैक्सीन में बुखार और दर्द होता है, ये सही है, लेकिन सभी को ऐसा नहीं होता है। इसलिए उन्हें ही दवा लेने के लिए कहते हैं, जिन्हें बुखार हो। जिन्हें कोई समस्या नहीं है, उन्हें नहीं लेनी है। हालांकि अगर आज के समय में देखें, तो कई लोगों को जरूरत नहीं होती है, फिर भी वैक्सीन लगवाने के बाद पैरासिटामोल ले लेते हैं। इसलिए इसे पहले से बिल्कुल भी न लें।'  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या सामान्य सर्दी जुकाम की दवा खुद से ले सकते हैं? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'अगर सामान्य सर्दी-जुकाम है, तो उसकी दवा ले सकते हैं। लेकिन अगर बीमारी तीन दिन से आगे बढ़े और लक्षण भी बढ़ रहे हैं तो कोरोना की जांच जरूर करवाएं, क्योंकि कोरोना का संक्रमण होने पर भी शुरुआत सामान्य खांसी, नजला से ही होती है। इसलिए अपने ऑक्सीजन सेचुरेशन और सांस फूलने आदि पर ध्यान देना होगा। अगर दवा लेने से 2-3 दिन में आराम हो गया है तो ठीक है, नहीं तो डॉक्टर को दिखाकर दवा ले लें।' 
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