फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान: इन तीन वजहों से घातक हो सकता है कोरोना का डेल्टा वैरिएंट, डब्ल्यूएचओ की चेतावनी पर देना होगा ध्यान

Fri, 02 Jul 2021 12:56 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। बीते 24 घंटे में 46 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि उससे पहले एक दिन में 48 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए थे। विशेषज्ञ कहते हैं कि पिछले कई दिनों से संक्रमण के मामले 40-50 हजार के बीच ही बने हुए हैं, जिससे तीसरी लहर की संभावना को और बल मिल रहा है। यह लहर चिंताजनक हो सकती है। अभी स्पष्ट तौर पर तो यह नहीं कहा जा सकता कि तीसरी लहर कब आएगी, लेकिन ऐसा भी कहा जा रहा है कि यह कभी भी आ सकती है। चूंकि भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक इसके मामले अब करीब 100 देशों में सामने आ चुके हैं, ऐसे में पहले से ही सावधानी बरतने की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि तीन वजहों से ये वैरिएंट घातक हो सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में... 
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
मास्क नहीं पहनने से  
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि आने वाले महीनों में कोरोना का बेहद संक्रामक डेल्टा वैरिएंट पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का सबसे हावी स्वरूप बन जाएगा। इसलिए कोरोना से बचने के लिए हर किसी को मास्क पहनना जरूरी है। इससे वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है, जिससे महामारी को खत्म करने में मदद मिल सकती है। मास्क पहनने से आपके साथ-साथ उन लोगों का भी वायरस से बचाव होगा, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कोरोना नियमों में ढील देने से 
  • हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा था कि कुछ देशों ने जन स्वास्थ्य एवं सामाजिक पाबंदियों में ढील दी है, ऐसे में दुनियाभर में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। संगठन का कहना है कि धार्मिक समारोहों से लेकर अन्य सभाएं, बड़े खेल और उससे जुड़े इवेंट वायरस को फैलने का अवसर प्रदान करते हैं। 

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
कोरोना टीका नहीं लगवाने से 
  • टेड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने यह भी कहा था कि कोरोना वायरस के अब तक जितने भी वैरिएंट्स की पहचान हुई है, उनमें डेल्टा 'सबसे अधिक संक्रामक' है और यह उन लोगों में तेजी से फैल रहा है, जिन्हें कोरोना का टीका नहीं लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 29 जून को 'कोविड-19 वीकली एपिडेमियोलॉजिकल अपडेट' में ताजा आंकड़े साझा किए थे, जिसमें उसने कहा था कि दुनिया की अधिकांश आबादी अभी भी कोरोना संक्रमण के जोखिम के लिए अतिसंवेदनशील बनी हुई है। इसलिए टीका लगवाना सभी के लिए जरूरी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इन नियमों का जरूर करें पालन 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए, चाहे वह डेल्टा स्वरूप ही क्यों न हो, मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना, नियमित रूप से हाथ धोना और टीका लगवाने जैसे नियमों का पालन अति आवश्यक है, वरना यह वायरस और भी ज्यादा घातक हो सकता है।  
स्रोत और संदर्भ:  
Weekly epidemiological update on COVID-19 - 29 June 2021 
https://www.who.int/publications/m/item/weekly-epidemiological-update-on-covid-19---29-june-2021 

अस्वीकरण नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें