देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। बीते 24 घंटे में 46 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि उससे पहले एक दिन में 48 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए थे। विशेषज्ञ कहते हैं कि पिछले कई दिनों से संक्रमण के मामले 40-50 हजार के बीच ही बने हुए हैं, जिससे तीसरी लहर की संभावना को और बल मिल रहा है। यह लहर चिंताजनक हो सकती है। अभी स्पष्ट तौर पर तो यह नहीं कहा जा सकता कि तीसरी लहर कब आएगी, लेकिन ऐसा भी कहा जा रहा है कि यह कभी भी आ सकती है। चूंकि भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक इसके मामले अब करीब 100 देशों में सामने आ चुके हैं, ऐसे में पहले से ही सावधानी बरतने की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि तीन वजहों से ये वैरिएंट घातक हो सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में...