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Coronavirus Drug: भारत में बन गई कोरोना की दवा, कीमत से लेकर खुराक तक, जानें इसके बारे में 10 बातें

Mon, 22 Jun 2020 03:58 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी दवा और वैक्सीन के लिए शोधरत हैं। इस बीच भारतीय बाजार में कोरोना संक्रमण के इलाज (Coronavirus treatment) के लिए पहली निश्चित दवा आ गई है। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स कंपनी (Glenmark Pharmaceuticals) को कोविड-19 के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर(Favipiravir) बनाने और मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है। कंपनी फैबिफ्लू (FabiFlu) नाम से यह दवा बनाएगी। कोरोना के शुरुआती मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर को फैबिफ्लू नाम से बनाया जा रहा है। यह दवा कोरोना महामारी से जंग में एक बड़ी उम्मीद बन कर उभरी है। आइए जानते हैं, इस दवा की डोज और कीमत समेत 10 महत्वपूर्ण बातें। 
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Favipiravir - फोटो : Social Media
1).    दवा किनके लिए?
  • कंपनी ने कहा है कि मामूली संक्रमण वाले ऐसे मरीजो के अलावा जो डायबिटीज या दिल की बीमारी से भी पीड़ित कोरोना मरीज हैं, उन्हें भी यह दवा दी जा सकती है। यह दवा टैबलेट के रूप में उपलब्ध है और इसलिए जब अस्पताल की व्यवस्था पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव है तो ऐसे में यह बहुत ही सुविधाजनक है। 
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Coronavirus - फोटो : Pixabay
2).    दवा की खुराक
  • कंपनी का कहना है कि फैबिफ्लू दवा कोरोना के इलाज के लिए फेविपिराविर दवा का ही उन्नत रूप है, जिसे मंजूरी मिली है। यह दवा डॉक्टर की सलाह पर ही उपलब्ध होगी। पहले दिन इसकी 1800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी और उसके बाद 14 दिन तक 800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी।

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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
3).    दवा की कीमत
  • ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के मुताबिक, यह दवा 200 एमजी के टैबलेट में उपलब्ध होगी। इसके एक पत्ते में 34 टैबलेट होंगे, जिसकी कीमत 3,500 रुपये होगी। यानी एक टैबलेट की कीमत 103 रुपये होगी। यह एक प्रकार की एंटीवायरल दवा है। 
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
4).    दवा का उत्पादन
  • दवा के उत्पादन के बारे में कंपनी ने कहा कि प्रति मरीज न्यूनतम दो पत्ते की जरूरत के हिसाब से पहले महीने में ही 82,500 मरीजों के लिए फैबिफ्लू वह उपलब्ध करा पाएगी। कंपनी ने कहा कि महामारी की स्थिति पर कंपनी की निगाह है और देश की स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के हिसाब से कंपनी उत्पादन बढ़ाएगी।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
5).    कहां बन रही दवा?
  • कंपनी अपने अंकलेश्वर संयंत्र में इस दवा के लिए एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रिडिएंट (एपीआई) का उत्पादन कर रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के बद्दी संयंत्र में फार्मूलेशन का उत्पादन किया जा रहा है। यह दवा अस्पतालों के अलावा खुदरा चैनलों के जरिए भी उपलब्ध होगी।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
6).    दवा की आपूर्ति
  • इस दवा की आपूर्ति के लिए अस्पतालों के साथ गठजोड़ भी किया जाएगा क्या, इस सवाल पर कंपनी ने कहा कि फिलहाल मरीजों तक इस दवा को पहुंचाने के लिए हमारी प्राथमिकता इसका विनिर्माण है। कंपनी समय और जरूरत के हिसाब से निश्चित रूप से निजी और सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को समर्थन पर विचार करेगी।

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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
7).    बड़ी उम्मीद
  • कंपनी ने कहा कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) से इस दवा के विनिर्माण और विपणन यानी कि उत्पादन और मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है। कंपनी के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा ने कहा, यह मंजूरी ऐसे समय मिली है जबकि भारत में कोरोना वायरस के मामले पहले की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। 

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
8).    दवा का असर
  • कंपनी के एमडी सल्दान्हा ने उम्मीद जताई है कि फैबिफ्लू जैसे प्रभावी इलाज की उपलब्धता से कोरोना महामारी पर नियंत्रण कर पाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। सल्दान्हा ने कहा कि क्लिनिकल परीक्षणों के दौरान फैबिफ्लू ने कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण से पीड़ित मरीजों पर काफी अच्छे नतीजे दिखाए हैं।

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
9).    खाने वाली दवा 
  • सल्दान्हा ने कहा कि यह वैक्सीन या लिक्विड के रूप में नहीं, बल्कि खाने वाली दवा के रूप में उपलब्ध है, जो कि इलाज का एक सुविधाजनक विकल्प है। उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देशभर में मरीजों को यह दवा आसानी से उपलब्ध हो सके।

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medicine
10).    कंपनी के आएंगे अच्छे दिन
  • कोरोना महामारी में कारगर इस दवा की मार्केटिंग से कंपनी के बुरे दिन खत्म होने की उम्मीद है। खबरों के मुताबिक, इस दवा के जरिए कंपनी की वित्तीय स्थिति में अभूतपूर्व सुधार होने की संभावना है। इलाज में प्रभावी होने के कारण इस दवा की मांग विदेशी बाजारों में भी बढ़ेगी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह पहले देश में इस दवा की जरूरत पूरी करेगी। इसके बाद ही निर्यात पर विचार करेगी।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
मालूम हो कि ग्लेनमार्क कंपनी ने पिछले महीने ही यह एलान किया था कि वह दो एंटी-वायरल दवा फेविपिराविर और उमिफेनोविर का क्लिनिकल ट्रायल कर रही है। कंपनी ने तब संभावना जताई थी कि इन दोनों एंटीवायरल दवाओं का संयोजन कोरोना के सामान्य मरीजों के इलाज में कारगर साबित हो सकता है। फेविपिराविर दवा ने Sars Cov2 वायरस पर प्रभावी असर दिखाया। कंपनी को दवा के क्लिनिकल टेस्ट में उत्साहजनक नतीजे मिले थे और अब दवा की मार्केटिंग के लिए भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।
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