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कोरोना वायरस से ज्यादातर मौतें किस उम्र के लोगों की हो रही है? ये रहा स्वास्थ्य मंत्रालय का आंकड़ा

Fri, 10 Jul 2020 05:10 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Death rate - फोटो : Amar Ujala
कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने देश और दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए तमाम कोशिशें भी की जा रही है। आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर बनाई गई वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल का परिणाम 15 अगस्त तक जारी करने का दावा किया है। इस बीच कोरोना के मरीजों का पहले से उपलब्ध दवाओं के आधार पर इलाज किया जा रहा है। पहले के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। कोरोना से हो रही मौतों के बारे में सामान्य आकलन यही है कि इससे बुजुर्गों को खतरा ज्यादा है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर है। लेकिन देश में कोरोना से हो रही मौतों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं। 
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नई दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल के पास शहनाई बैंक्वेट हॉल में बनाए गए एक आइसोलेशन वार्ड के अंदर पीपीई किट पहने हुए एक स्वास्थ्य कर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
  • मालूम हो कि देश में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने में सरकारी महकमे और स्वास्थ्य व्यवस्था को सफलता भी मिल रही है। यही कारण है कि देश में कोरोना संक्रमित मरीजों के एक्टिव मामलों और ठीक होने वाले मरीजों का अंतर बढ़ा है। लेकिन इस सबके बीच सबसे अधिक परेशान करनेवाली बात यह है कि कोरोना से मरनेवाले लोगों में बुजुर्गों से ज्यादा संख्या अन्य आयुवर्ग के लोगों की है। 
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कोलकाता एयरपोर्ट से बाहर आतीं एयर होस्टेस(File Phtoto) - फोटो : PTI
  • कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अबतक इसके देशभर में सामुदायिक प्रसार की बात नहीं कही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक, पूरे देश की बात की जाए तो कोरोना संक्रमण का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन(Community Transmission) नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ दायरों में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन जरूर हुआ है।

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गाजियाबाद में नमूना एकत्र करता एक स्वास्थ्य कर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
  • देश में फैल रहे कोरोना संक्रमण परी लगाम लगाने के लिए भारत में चार चरणों में लॉकडाउन लगाया गया। इसके साथ ही बहुत सारे दिशानिर्देश जारी किए गए। इन्हीं प्रयासों की बदौलत भारत जैसे सघन जनसंख्या वाले देश में कोरोना महामारी अपेक्षाकृत कम तेजी से फैली। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका, ब्रिटेन और इटली जैसे अपेक्षाकृत कम आबादी वाले और सुविधासंपन्न देशों में कोरोना ने बहुत ज्यादा तबाही मचाई। इनकी तुलना में भारत की स्थिति अभी ठीक है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मरनेवालों में ज्यादातर 45+ उम्र वाले
  • कोरोना के कारण होनेवाली मौत के आंकड़ों पर गौर करे तो मरनेवाले मरीजों में बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक नहीं है, बल्कि सबसे ज्यादा संख्या 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की है।  स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना के कारण मरनेवालों की कुल संख्या में 85 फीसदी मरीज 45 साल से अधिक उम्र के हैं।
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नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
  • स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भारत में इस महामारी की स्थिति पर कहा है कि हमारे देश की आबादी और संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए, जब हम दुनिया के अन्य देशों से अपने यहां के एक्टिव केस और मृत्यु दर की तुलना करते हैं तो पाते हैं कि देश इस महामारी का सामना करने में काफी हद तक सफल रहा है।
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चेन्नई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते मजदूर(File Photo) - फोटो : PTI
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में राहत देनेवाली एक बात यह भी है कि देश में संक्रमित लोगों की तुलना में मरनेवालों का आंकड़ा काफी कम रहा है। अबतक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्रति एक लाख की आबादी पर 538 एक्टिव केस सामने आए हैं, जबकि प्रति एक लाख लोगों में से महज एक की मौत हुई है। यह आंकड़ा दुनिया के कई देशों से बहुत कम है। 
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कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए कोविड केंद्र पर स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
मालूम हो कि दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगो का आंकड़ा 1.24 करोड़ पार कर चुका है, जबकि इससे 5.58 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं भारत में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या करीब आठ लाख हो गई है, जबकि इससे 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 

आंकड़ा: Worldometers (10 जुलाई की दोपहर बाद तक)
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