फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus: क्या ठीक होने के बाद दुबारा हो सकता है कोरोना? जानें ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब

Mon, 23 Mar 2020 10:59 AM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
1 of 7
Coronaindia - फोटो : PTI
विज्ञान कहता है कि एक बार किसी वायरस का संक्रमण होने के बाद इंसानी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति उस वायरस से लड़ना सीख जाती है। इस कारण वो वायरस उस इंसान को फिर से नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
  • लेकिन क्या आप एक बार कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो गए हैं तो ये वायरस आपको दोबारा संक्रमित करेगा? 
  • किन लोगों को इससे अधिक खतरा है?
  • क्या आपके कपड़ों पर ये वायरस एक्टिव रह सकता है?
  • क्या फोन से भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है?
  • क्या स्विमिंग पूल में नहाना भी संक्रमित कर सकता है?
आइए, जानते हैं इन जरूरी सवालों के जवाब:
विज्ञापन

2 of 7
Coronavirus - फोटो : पीटीआई
क्या ठीक होने के बाद दोबारा हो सकता है कोरोना?
अभी ये ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला अभी दिसंबर के आस-पास ही सामने आया है। हालांकि पहले के वायरसों के अनुभव से ये कहा जा सकता है कि एक बार संक्रमण के बाद वायरस के खिलाफ़ शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति एंटी बॉडीज बना लेती है। इससे भविष्य के लिए इस वायरस से बचाव हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर सार्स और मार्स वायरस (जो कि कोरोना वायरस की फैमिली से ही हैं) की पहले की किस्मों में दोबारा संक्रमण देखने को नहीं मिला। हालांकि चीन से मिल रही ताजा रिपोर्टों में ये बात कही जा रही है कि अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के बाद भी कुछ लोगों में फिर से संक्रमण पाया गया है। लेकिन पुख्ता तौर पर इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
विज्ञापन

3 of 7
Swimming Pool(File Photo)
क्या पब्लिक स्विमिंग पूल में नहाना सुरक्षित है?
ज्यादातर जगहों में स्विमिंग पूलों में क्लोरीन डाला जाता है जिससे वायरस खत्म हो जाते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन ठीक मात्रा में मिलाया गया है तो वो सुरक्षित है। लेकिन यूके जैसे कई देश लोगों को सार्वजनिक जगहों पर जाने से मना कर रहे हैं क्योंकि किसी संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आने संक्रमण का पर खतरा हो सकता है। 

चेंजिंग रूम या बिल्डिंग में किसी वस्तु या दरवाजों को छूने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।यदि कोई संक्रमित व्यक्ति पूल में आपके नजदीक हो और खांस दे या छींक दे तो भी आपको संक्रमण का खतरा हो सकता है।

4 of 7
किस सतह पर वायरस कितनी देर जिंदा रहता है?
यह इस बात पर निर्भर करता है कि सतह कौन सी है। दरवाजे का हैंडल, लिफ्ट बटन जैसे धातु जैसी सतहों पर ये 48 घंटों तक एक्टिव रह सकते हैं। कुछ पुराने रिसर्च के आधार पर कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस अनुकूल परिस्थितियों में एक हफ्ते तक भी एक्टिव रह सकते हैं। इन चीजों को छून के बाद आप उन्हीं हाथों से अपना चेहरा न छुएं। हाथों को सैनिटाइज करने के बाद ही ऐसा करें। 
विज्ञापन

5 of 7
कपड़ों जैसे नरम सतहों पर कोरोना वायरस बहुत लंबे वक्त तक नहीं जिंदा रहता। ऐसे में अगर आप एक दो दिन तक एक ही कपड़ा नहीं पहनते तो वायरस एक्टिव नहीं रहेगा। हालांकि ऐसा भी नहीं है कि किसी संक्रमित सतह को छूने से आपको कोरोना वायरस हो ही जाएगा। जब तक ये आपके मुंह, आंख, नाक के जरिए आपके शरीर में नहीं जाता, तब तक आप ठीक हैं। इसलिए अपने मुंह को छूना या बिना हाथ धोए खाना बंद कर दें।
विज्ञापन

6 of 7
क्या कोरोना का संक्रमण फोन से भी हो सकता है?
माना जाता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण छींकने या खांसने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है। लेकिन जानकारों का कहना है कि ये वायरस किसी सतह पर भी अस्तित्व में रह सकता है और वो भी संभवतः कई दिनों तक।

इसलिए ये अहम है कि आपका फोन चाहे घर पर हो या दफ़्तर में पूरी तरह से बार-बार साफ़ हो। सभी प्रमुख फोन बनाने वाली कंपनियां मोबाइल फोन को एल्कोहॉल से, हैंड सैनिटाइजर से या स्टरलाइजिंग वाइप्स से साफ़ करने को लेकर आगाह करती हैं क्योंकि इससे फोन की कोटिंग को नुकसान होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मोबाइल फोन - फोटो : पेक्सेल्स
इस कोटिंग लेयर को नुकसान पहुंचने से कीटाणुओं के लिए मोबाइल फोन में फंसे रहना आसान हो जाता है। आजकल जो मोबाइल फोन आते हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि वे वाटर रेजिस्टेंस होते हैं यानी पानी से उनको कम खतरा रहता है।

अगर ऐसा है तो आप फोन को साबुन और पानी या फिर पेपर टॉवल से साफ़ कर सकते हैं लेकिन ऐसा करने से पहले ये जरूर जांच लें कि आपका फोन वाटर रेजिस्टेंस है या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें