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डॉक्टरों से जानें: किडनी रोगियों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है कोरोना की दूसरी लहर, कैसे बरतें सावधानी?

Sun, 16 May 2021 11:50 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोमोरबिड कंडीशन वाले लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा - फोटो : Pixabay
कोविड का यह दौर देश के लिए विकट समस्याएं लेकर आया है। दूसरी लहर में यह कोरोना, स्वस्थ लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। इसके अलावा जो लोग पहले से ही गंभीर कोमोरबिड समस्याओं से ग्रसित हैं, विशेषज्ञ उन्हें इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कोमोरबिडिटी (डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी रोग, ब्लड प्रेशर) वाले लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से काफी कमजोर होती है, ऐसे में कोरोना वायरस इन लोगों को आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा  जिन लोगों को क्रोनिक किडनी डिजीज की समस्या है या फिर वह डायलिसिस पर हैं, उन्हें कोविड-19 के गंभीर संक्रमण का जोखिम अधिक होता है।
आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि किडनी की बीमारियों से ग्रसित लोगों को किस प्रकार से सावधानी बरतनी चाहिए? और कोरोना की यह लहर उनके लिए कितनी गंभीर हो सकती है?
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कोरोना के समय में किडनी रोगियों को विशेष सावधान रहने की जरूरत - फोटो : iStock
किडनी रोगियों में क्यों है संक्रमण का ज्यादा खतरा?
अमर उजाला से बातचीत के दौरान वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ उमेश खन्ना बताते हैं कि क्रोनिक किडनी डिजीज वाले  रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से ही कमजोर होती है, जिससे उनके लिए किसी भी संक्रमण से मुकाबला कर पाना बेहद कठिन हो जाता है। सामान्य तौर पर किडनी की बीमारियों से ग्रसित लोग दो तरह के हो सकते हैं। पहले वो रोगी जो डायलिसिस पर होते हैं और दूसरे वे जिनका दवाइयां से इलाज चल रहा होता है। जो लोग डायलिसिस पर हों उनके लिए नियमित रूप से निर्धारित डायलिसिस का उपचार जारी रखना बेहद जरूरी है। इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। वहीं जो लोग दवाइयां ले रहे हैं वह घर पर भी रहकर अपना इलाज जारी रख सकते हैं।
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किडनी रोगी रखें अपना विशेष ख्याल - फोटो : iStock
किडनी रोग से पीड़ितों की घर पर देखभाल
एक बातचीत में डॉ सोनिया शर्मा (पेडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट) कहती हैं कि किडनी की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए घर पर विशेष सावधानी की जरूरत होती है। ऐसे रोगियों को जब तक बहुत जरूरी न हो घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के साथ हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इसके अलावा रोगियों को भी अच्छे खान-पान के साथ शरीर में हाइड्रेशन को बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समय पर दवाइयां लें और अपने लक्षणों की निगरानी करते रहें।

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समय पर कराते रहें डायलिसिस - फोटो : Pixabay
कोविड के समय में डायलिसिस वाले रोगी कैसे रखें ध्यान?
डॉ उमेश बतातें हैं कि किडनी के जो रोगी डायलिसिस पर हैं उन्हें संक्रमण का ज्यादा खतरा हो सकता है। चूंकि डायलिसिस को टाला नहीं जा सकता है, ऐसे में मरीजों को बाहर निकलते समय डबल मास्क पहनना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर में ज्यादातर लोगों में खांसी, बुखार, सांस फूलने जैसे लक्षण कम हो रहे हैं, ऐसे में इन मरीजों को लक्षणों के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। शरीर में किसी भी तरह के असामान्य बदलावों के बारे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। डायलिसिस के दौरान बाहर कुछ भी न खाएं।
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इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेते रहें - फोटो : pixabay
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद देखभाल
डॉ उमेश बताते हैं कि जिन लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है उन्हें कोरोना के समय में खास सावधान रहना चाहिए। ऐसे रोगियों को एंटी-रिजेक्शन दवाएं (जिन्हें इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं भी कहा जाता है) लेते रहना चाहिए। किडनी ट्रांसप्लांटेशन वाले रोगियों को कोरोना संक्रमण का खतरा, किडनी के अन्य रोग वाले लोगों से ज्यादा होता है। ऐसे रोगियों को खुद को ज्यादा से ज्यादा समय आइसोलेशन में रखना चाहिए। इसके साथ समय-समय पर अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहें।

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नोट: यह लेख मुंबई किडनी एसोसिएशन के चेयरमैन व वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ उमेश खन्ना और दिल्ली स्थित आरजी स्टोन यूरोलॉजी और लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में पेडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ सोनिया शर्मा से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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