फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vaccine: जल्द उपलब्ध होगी 'टू-इन-वन वैक्सीन', कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा दोनों संक्रमण से मिलेगी सुरक्षा

Tue, 11 Jun 2024 12:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
वैक्सीनेशन - फोटो : istock
कोरोना महामारी को वैश्विक स्तर पर चार साल से अधिक का समय बीत गया है। संक्रमण से बचाव के उपाय और टीकाकरण ने रोग की गंभीरता तो कम की है, पर नए वैरिएंट्स के कारण होने वाली समस्याओं का जोखिम लगातार बना हुआ है। नए वैरिएंट्स की प्रकृति वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने वाली मानी जा रही है, ऐसे में कई बार टीकों को अपडेट भी किया जा चुका है।

संक्रमण के जोखिमों को देखते हुए वैज्ञानिक हर साल फ्लू टीकों की ही तरह से लोगों को कोविड वैक्सीन भी लेने की सलाह दे रहे हैं। गौरतलब है कि कोविड टीकों की प्रभाविकता समय के साथ कम होती जाती है, जिससे नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का खतरा हो सकता है।

कोरोना की ही तरह से हर साल इंफ्लूएंजा वायरस से संक्रमण के कारण भी दुनियाभर में लाखों लोग बीमार होते हैं। इन संक्रामक रोगों से बचाव के लिए वैज्ञानिक अब एक तीर से दो निशाना लगाने की कोशिश में हैं। शोधकर्ताओं की एक टीम कोविड-19 और फ्लू के लिए ऐसे खास तरह के टीके का निर्माण कर रही है जिससे इन दोनों संक्रामक रोगों से बचाव किया जा सके।
विज्ञापन

2 of 5
कोविड टीकाकरण - फोटो : Istock
कोविड-19 और फ्लू के लिए एक ही टीका

हम जितनी बार सोचते हैं कि कोविड-19 से हमारा पीछा छूट गया है, उतनी बार वायरस एक नए म्यूटेशन के साथ आ जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी सलाह देते हैं कि सभी लोगों को निकट भविष्य में हर साल कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा दोनों के लिए टीकाकरण कराना चाहिए। इसी दिशा शोधकर्ताओं की एक टीम 'टू इन वन' वैक्सीन बनाने की दिशा में काम कर रही है।

इस संबंध में 10 जून को वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने बताया कि वह इस तरह के एक टीके पर काम कर रही है। शुरुआती परिणामों में ये संयुक्त कोविड-19/इन्फ्लूएंजा टीका सार्स-सीओवी-2 और इन्फ्लूएंजा के खिलाफ मौजूदा अलग-अलग टीकों से बेहतर परिणाम देती हुई देखी गई है। 
विज्ञापन

3 of 5
'टू-इन-वन वैक्सीन' पर काम कर रहे हैं वैज्ञानिक - फोटो : Istock
इन्फ्लूएंजा के ज्यादातर स्ट्रेन पर ये प्रभावी

अध्ययनकर्ताओं ने बताया इस संयुक्त टीके में कोविड-19 वाला हिस्सा मौजूदा वैक्सीन की तुलना में वायरस के स्पाइक प्रोटीन को अधिक प्रभावी तरीके से लक्षित करता हुआ देखा जा रहा है। इस वैक्सीन की शेल्फ लाइफ भी अधिक हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ वैक्सीन का इंफ्लूएंजा वाला घटक mRNA तकनीक का उपयोग करता है। ये पूरे सीजन फैलने वाले इन्फ्लूएंजा के लगभग सभी स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी तरीके से कारगर हो सकता है। इन्फ्लूएंजा ए समूह के इन्फ्लूएंजा और इन्फ्लूएंजा बी स्ट्रेन पर इस टीके को असरदार पाया गया है। 

4 of 5
टीकाकरण पर अध्ययन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
अध्ययन में क्या पता चला?

वैक्सीन के परीक्षण में 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के 8,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इसमें आधे लोगों को संयोजन टीका जबकि शेष लोगों को कोविड और फ्लू के अलग-अलग टीके दिए गए। अलग-अलग टीके लेने वाले समूह की तुलना में कॉम्बो वैक्सीन ने इन्फ्लूएंजा के स्ट्रेन को खिलाफ 20 से 40% अधिक और कोविड-19 वैरिएंट्स के खिलाफ 30% अधिक एंटीबॉडी उत्पन्न किए। वृद्ध लोगों में भी एंटीबॉडी का स्तर अच्छा देखा गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कितनी असरदार होगी वैक्सीन? - फोटो : Istock
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

मॉडर्ना में संक्रामक रोग विभाग के वाइस प्रेसिडेंट और शोध के प्रमुख लेखकों में से एक डॉ. जैकलीन मिलर कहती हैं, इस टू इन वन वैक्सीन का असली फायदा यह है कि लोगों को केवल एक ही इंजेक्शन लगवाने की जरूरत होती है। इसका एक सार्वजनिक-स्वास्थ्य लाभ भी है, क्योंकि दोनों बीमारियों के लिए यू.एस. सहित दुनियाभर में टीकाकरण दर अपेक्षाकृत कम है। जब हम दोनों टीकों को एक साथ देने में सक्षम होते हैं, तो इससे टीकाकरण अनुपालन दर भी बढ़ेगी, खासकर उन लोगों के लिए जो सबसे अधिक जोखिम में हैं। इस टीके को अधिक प्रभावी तरीके से संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने वाला भी माना जा सकता है। 


--------------
स्रोत और संदर्भ
A Combined Flu and COVID-19 Shot May Be Coming

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें