हार्ट अटैक का खतरा कम उम्र के लोगों में भी बढ़ता जा रहा है, विशेषज्ञ कहते हैं पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं, यह निश्चित ही गंभीर संकेत है। इस तरह के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सभी उम्र के लोगों को हृदय की सेहत का ख्याल रखने पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्ययकता है। हाल ही में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिम में हार्ट अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में उनका लंबा इलाज चला, हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इससे पहले अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की भी मौत हार्ट अटैक के कारण हो गई थी, गौरतलब है कि इन लोगों की उम्र कम थी। यही कारण है कि डॉक्टर्स सभी लोगों को हृदय रोग और हार्ट अटैक के संकेतों और जोखिम कारकों के बारे में जानने और उससे बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। हृदय रोग के बढ़ते खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है।
अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अभय प्रताप सिंह ने एक बातचीत में बताया कि हार्ट अटैक के पहले से ही कुछ संकेत दिख सकते हैं, जिनपर अगर समय रहते ध्यान दे दिया जाए तो इससे बचाव किया जा सकता है। अक्सर सुबह उठने के समय लोगों को कई ऐसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है, जिसे हार्ट अटैक के संभावित जोखिम के तौर पर देखा जाता है। चूंकि यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती जा रही है, ऐसे में सभी लोगों को इस तरह के संकेतों पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।