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Study: स्वाद भी सेहत भी, आपकी सबसे पसंदीदा ये चीज दिल और लिवर दोनों के लिए है वरदान

Mon, 22 Dec 2025 08:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कॉफी में कुछ ऐसे नेचुरल कंपाउंड होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दिल की धड़कन को स्थिर करते हैं।
  • एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण कॉफी फैटी लिवर रोग, फाइब्रोसिस में भी लाभकारी है।
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हृदय-लिवर रोग का खतरा - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। लिहाजा हृदय रोग और लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ गई हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि अब ये समस्याएं सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि कम उम्र के लोग भी इनका शिकार हो रहे हैं। 

अध्ययनों से पता चलता है कि हृदय रोगों के बढ़ने के पीछे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और डायबिटीज जैसे कारण प्रमुख हैं। वहीं लिवर की बीमारियों के लिए शराब का अधिक सेवन, तला-भुना भोजन और प्रोसेस्ड फूड्स को बड़ा कारण माना जा रहा है। 

क्या आप जानते हैं कि कॉफी पीने से इन दोनों ही समस्याओं में आराम पाया जा सकता है? 
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कॉफी के कई सारे फायदे - फोटो : Freepik.com
लिवर-हार्ट के लिए फायदेमंद है कॉफी

अध्ययनों से पता चलता है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीना हृदय और लिवर दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन कम करने में मदद करती हैं, जिससे दिल की धमनियां स्वस्थ रहती हैं। वहीं अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वालों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

अगर आप थकान दूर करने और खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉफी पीते हैं तो ये आपके दिल और लिवर को भी फायदा पहुंचाने वाली हो सकती है।
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दिल के धड़कनों की अनियमितता - फोटो : Freepik.com
एट्रियल फाइब्रिलेशन रोगियों के लिए कॉफी के लाभ

जामा जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता कि एट्रियल फाइब्रिलेशन वाले लोगों के लिए कॉफी पीना फायदेमंद हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल अनियमित रूप से और या तेजी से धड़कता है।

अध्ययन में इस बात पर जोर दिया गया कि कॉफी न सिर्फ इस समस्या के शिकार लोगों के लिए लाभकारी है बल्कि भविष्य में आपको एट्रियल फाइब्रिलेशन के खतरे से भी बचाए रखने में मददगार हो सकती है। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।

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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के लगभग 200 बुजुर्ग प्रतिभागी शामिल थे। वे सभी कॉफी पीते थे और उन्हें एट्रियल फाइब्रिलेशन था। इन प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया। एक ग्रुप जिसने रोजाना कम से कम एक कप कॉफी पीना जारी रखा वहीं और दूसरे ग्रुप ने कम से कम छह महीने के लिए पूरी तरह से कॉफी पीना बंद कर दिया। समय के साथ उनकी सेहत को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम और हार्ट मॉनिटर से ट्रैक किया गया।

जिन लोगों ने कॉफी पीना बंद कर दिया था उस ग्रुप के लगभग 64 प्रतिशत लोगों को अनियमित दिल की धड़कन की समस्या का खतरा अधिक था। जबकि कॉफी पीते रहने वाले ग्रुप के लोगों में ये खतरा कम था। 
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लिवर के लिए बहुत फायदेमंद है कॉफी - फोटो : Adobe Stock
लिवर के लिए भी फायदेमंद है कॉफी

शोधकर्ताओं ने बताया कि कॉफी में कुछ ऐसे नेचुरल कंपाउंड होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दिल की धड़कन को स्थिर करते हैं। एक और थ्योरी यह है कि कॉफी एड्रेनालाईन और अन्य शारीरिक प्रतिक्रियाओं को बढ़ा सकती है जो दिल के काम को सपोर्ट करने में मदद करती है।

इसी तरह से अध्ययनों में पाया गया है कि अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण कॉफी फैटी लिवर रोग, फाइब्रोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार पाई गई है।

हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि कॉफी बिना चीनी और दूध के पीनी चाहिए। इसके साथ मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है, अधिक मात्रा में कॉफी पीना फायदे की जगह नुकसानदायक हो सकती है। एक दिन में एक-दो कप अधिकतर लोगों के लिए पर्याप्त है।


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स्रोत:
Caffeinated Coffee Consumption or Abstinence to Reduce Atrial Fibrillation The DECAF Randomized Clinical Trial


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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