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हेल्थ अलर्ट: सिर्फ बीपी-कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, शरीर की यह परेशानी भी बन सकती है हार्ट अटैक की वजह

Mon, 02 Nov 2026 02:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chronic Inflammation: शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन दिल की बनावट और कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के करीब 4.80 लाख लोगों पर किए गए अध्ययन में इंफ्लेमेशन के शिकार समूह वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम 43% अधिक पाया गया। 
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शरीर में सूजन से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों में भी डायबिटीज से लेकर हृदय रोग और कैंसर तक का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारियों से बचे रहने के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर और शुगर पर ध्यान देते रहना काफी नहीं है, सभी लोगों को शरीर में इंफ्लेमेशन को लेकर भी अलर्ट रहना जरूरी है।

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है? इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी, फैटी लिवर और ऑटोइम्यून रोगों का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर में होने वाली हर सूजन दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर के अंदर लंबे समय तक सूजन बनी रहती है। ये धीरे-धीरे  शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर पर इसका असर दिल और रक्त धमनियों पर पड़ता है।

हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि शरीर में छिपी सूजन से हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा 43% तक बढ़ाने वाली हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे?
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Adobe Stock Photos
हार्ट अटैक का  बढ़ता खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर दिल की मांसपेशियों की बनावट और खून भरने की क्षमता पर पड़ सकता है। एमआरसी लेबोरेटरी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में हृदय की इमेजिंग, रक्त जांच और आनुवंशिक जानकारियों का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है। 
 
  • ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में करीब 4.80 लाख लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
  • इसमें पता चला कि शरीर में सूजन का स्तर सबसे अधिक होने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा सबसे कम सूजन वाले लोगों की तुलना में 43 प्रतिशत ज्यादा था। 
  • हालांकि, अध्ययन सूजन और हृदय रोग के बीच संबंध दर्शाता है, हर मामले में सीधे कारण-परिणाम को साबित नहीं करता।  
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शरीर में सूजन से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
शरीर में सूजन क्यों बढ़ती है?

शरीर में सूजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर संक्रमण या चोट लगने पर इम्यून सिस्टम सूजन पैदा करता है, जिससे शरीर को ठीक होने में मदद मिलती है। लेकिन जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है, तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति बन सकती है। चोट या संक्रमण की स्थिति में तो सूजन होना ठीक है पर बिना किसी कारण के बना रहने वाला सूजन स्वास्थ्य के लिए खतरे बढ़ाने वाला हो सकता है।
 
  • मोटापा, खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी, इसका प्रमुख कारण है। 
  • इसके अलावा धूम्रपान-शराब के अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी सूजन बढ़ने का खतरा रहता है।
  • अध्ययनों में पाया गया है कि लगातार तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक परेशानियां भी खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

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ब्रेन हेल्थ पर इसका असर - फोटो : Adobe Stock
हार्ट और दूसरे अंगों पर असर

लंबे समय तक शरीर में सूजन रहने से सबसे ज्यादा खतरा दिल और रक्त वाहिकाओं को हो सकता है। सूजन के कारण धमनियों की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है और उनमें फैटी प्लाक जमा होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे रक्त का प्रवाह बाधित होने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। इसका असर केवल दिल तक सीमित नहीं रहता। 
 
  • मस्तिष्क में लंबे समय तक सूजन रहने से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। 
  • लिवर में सूजन फैटी लिवर और लिवर की दूसरी बीमारियों का कारण बनती है। 
  • किडनी में लगातार सूजन उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। 
  • इसके अलावा जोड़ों में दर्द, सूजन और ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। 
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
सूजन से बचाव के लिए क्या करें?

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि जीवनशैली और आहार में सुधार किया जाए।
 
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग या अन्य शारीरिक गतिविधियां फायदेमंद हो सकती है। 
  • खाने में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, मेवे और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। 
  • ज्यादा चीनी, तले हुए खाद्य पदार्थ, जंक फूड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन कम करें। 
  • धूम्रपान से दूरी बनाएं और शराब से बचें। इसके अलावा रोजाना 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • अगर शरीर में लगातार सूजन बनी रहती है तो इसके कारणों का पता लगाने के लिए जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। 




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स्रोत:
Chronic stress may trigger hidden inflammation that damages the heart


अस्वीकरण: ये आज के समाचार पत्र में प्रकाशित अंश से लिया गया है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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