लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों में भी डायबिटीज से लेकर हृदय रोग और कैंसर तक का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारियों से बचे रहने के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर और शुगर पर ध्यान देते रहना काफी नहीं है, सभी लोगों को शरीर में इंफ्लेमेशन को लेकर भी अलर्ट रहना जरूरी है।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है? इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी, फैटी लिवर और ऑटोइम्यून रोगों का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर में होने वाली हर सूजन दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर के अंदर लंबे समय तक सूजन बनी रहती है। ये धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर पर इसका असर दिल और रक्त धमनियों पर पड़ता है।
हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि शरीर में छिपी सूजन से हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा 43% तक बढ़ाने वाली हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे?