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Power Yoga: कम समय में वजन घटाना है तो कीजिए पावर योगा

Wed, 13 Jul 2022 01:21 PM IST
स्वाति शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्वस्थ लम्बे जीवन के लिए है व्यायाम - फोटो : istock
शरीर पर चढ़ी चर्बी की अतिरिक्त परतें किसी भी तरह से लाभदायक नहीं हो सकतीं। बदलते समय के साथ शरीर को फिट और वजन को नियंत्रित बनाये रखने की कवायद और भी बढ़ गई है। कारणों में अनियमित खान-पान और जीवनशैली तो शामिल है ही, हमारे जीवन में शामिल हुए विभिन्न गैजेट्स और मशीनों ने भी इसमें योगदान दिया है। इन मशीनों ने हमारे काम को तो कम किया है लेकिन हमारे शारीरिक श्रम को काफी घटा दिया है। नतीजा जिस शारीरिक श्रम की वजह से हम पहले मोटापे और जीवनशैली संबंधी बीमारियों से दूर थे, वे अब कम उम्र में ही हमें घेरने लगी हैं। शरीर पर चढ़ने वाले अतिरिक्त वजन को संतुलित रखना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वस्थ रहते हुए लम्बा जीवन जीने में मदद मिल सकती है। हमारे देश में प्राचीन विधाओं और पद्धतियों द्वारा स्वस्थ बने रहने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण तरीके सुझाए गए हैं और योग इसमें से एक है। इसी का आधुनिक और थोड़ा तेज रूप है पावर योगा। यह न केवल फिट बने रहने में मददगार हो सकता है बल्कि तेजी से वजन घटाने में भी सहायक होता है। 
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हॉलीवुड अभिनेत्री जेनिफर भी करती हैं पावर योगा - फोटो : Social Media
दुनियाभर में हो रहा है फेमस 

प्राचीन भारत की विधा योग भले ही बीच के कुछ दशकों में भारत में अपनी लोकप्रियता खोने लगी थी। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में इसे मिले नए स्वरूप और इससे होने वाले फायदों के मद्देनजर अब भारत सहित पूरे विश्व में फिर से योग की धूम हो गई है। सामान्यतः योग क्रियाओं को शरीर और मन दोनों की सेहत को बनाये रखने के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। यही कारण है कि कठिन तपस्या करने वाले भी इसकी साधना करते हैं। योग शरीर की हर एक कोशिका तक फायदा पहुंचाता है। अब तक धारणा यही थी कि योग से फिटनेस तो पाई जा सकती है, वजन को नियंत्रित भी रखा जा सकता है लेकिन अगर वजन को तेजी से घटाना हो तो योग सही विकल्प नहीं होगा। अब पावर योगा ने इस धारणा को भी बदल दिया है। खासकर मलाइका अरोरा और जेनिफर एनिस्टन जैसी सेलिब्रिटीज द्वारा इसका उपयोग करने के बाद से पावर योगा और भी प्रचलित हो गया है। 
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तेज गति से जलाता है चर्बी को - फोटो : istock
फायदे से भरपूर तेज आसन 

असल में प्राचीन योग क्रियाओं में जो आसन शामिल रहे हैं वे अधिकांशतः माइंड-बॉडी बैलेंस के लिए काम करते रहे हैं क्योंकि फिजिकल फिटनेस के लिए तो पहले के समय में लोगों के रोजमर्रा के काम ही काफी हो जाया करते थे। खेती करना, चक्की चलाना, कुएं, बावड़ी, नदी या तालाब से पानी लाना, कपड़े धोना, पोंछा लगाना, कई किलोमीटर पैदल चलना या साइकिंलिंग करना आदि जैसे काम आज से दो दशक पहले तक हमारे देश में आम थे। धीरे धीरे सुविधाओं के आते जाने से फिजिकल एक्टिविटीज कम होती चली गईं। इसलिए पहले की योग क्रियाओं के साथ  कुछ ऐसे विकल्प भी चाहिए थे जो वजन को तेजी से घटाने में मदद कर सकते थे और इस तरह पावर योगा सामने आया।

पावर योगा में ऐसी एक्सरसाइज और क्रियाओं को जोड़ा गया है जो तेजी से बदलें और शरीर को ऊर्जा खर्च करने को प्रेरित करें। यही कारण है कि इसकी शुरुआत के कुछ देर में ही मांसपेशियां वार्म अप की स्थिति में आ जाती हैं और चर्बी तेजी से जलने लगती है। यही नहीं इन आसनों से मांसपेशियां बनाने और शरीर को अंदरूनी मजबूती देने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा यह स्टेमिना व लचीलापन बढ़ाने तथा स्ट्रेस घटाने में भी मदद करता है.

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सही तरीके से सीखें फिर करें - फोटो : istock
अलग हो सकते हैं सैट्स 

योग क्रियाएं हमेशा इस बात को ध्यान में रखती हैं कि व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक अवस्था क्या है। यही कारण है कि योग क्रियाओं के अभ्यास के दौरान किसी बीमारी या भिन्न स्थिति से गुजर रहे व्यक्ति को कुछ आसन करने से रोक दिया जाता है। जैसे गर्भावस्था या पेट की किसी सर्जरी या बीमारी के दौरान पेट पर दबाव डालने वाले आसन न करने की सलाह दी जाती है। प्रशिक्षक बार बार यह लाइन भी दोहराते हैं कि किसी भी आसन को उस हद तक ही कीजिये जहां शरीर पर प्रेशर न पड़े। वर्तमान में देश-विदेश की कई सेलिब्रिटीज द्वारा पावर योगा को अपनाए जाने की खबरों को देख-सुनकर कई सामान्य लोग भी इसे अपनाते हैं और उनमें से अधिकांश इसे अपनी शारीरिक स्थिति को समझे-जाने बिना करने लगते हैं। यही चीज तकलीफ दे सकती है क्योंकि पावर योगा के विशेषज्ञ हर व्यक्ति के हिसाब से क्रियाओं या आसनों का सैट बनाते हैं और उसी हिसाब से अभ्यास करवाते हैं। इसलिए पहले इसे सीखिए, समझिए, फिर अपनाइए।  
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साइकिलिंग और स्वीमिंग को मिलाकर बनायें कॉम्बिनेशन - फोटो : Pixabay
बिना रुके होने वाली क्रियाएं

पावर योगा की क्रियाएं तेज गति से कम ब्रेक के साथ की जाती हैं। आमतौर पर जब आप योग क्रियाएं करते हैं तो हर आसन के बाद प्रशिक्षक आपको कुछ क्षण शरीर को शिथिल छोड़ने और आराम करने के लिए ब्रेक देते हैं। पावर योगा में ऐसा नहीं होता। चूंकि यहां मामला तेजी से कैलोरी जलाने का होता है इसलिए क्रियाएं भी उसी तरह की चुनी जाती हैं और बिना रुके अधिक समय तक आसन या क्रियाएं करनी होती हैं। इसके अंतर्गत करवाया जाने वाला सूर्य नमस्कार भी अधिक संख्या में और तेजी से करवाया जाता है। यही कारण है कि इसमें इतनी तेजी से ऊर्जा खर्च होती है और पसीना आता है, जितना ट्रेडमिल पर तेजी से चलने में आ सकता है।

अगर आप चाहें तो अपने प्रशिक्षक से राय लेकर हफ्ते में तीन दिन पावर योगा और दो दिन एरोबिक्स या ज़ुम्बा जैसे कॉम्बिनेशन भी बना सकते हैं। पावर योगा के साथ साइकिलिंग, स्वीमिंग, ब्रिस्क वॉक आदि जैसी एक्टिविटीज का कॉम्बिनेशन भी हफ्ते में अलग-अलग दिनों के लिए किया जा सकता है। इससे शरीर को एक जैसी एक्सरसाइज से ऊब भी नहीं होती और सभी एक्सरसाइज के फायदे भी पूरे शरीर को मिलते हैं। 
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प्लैंक पोज - फोटो : istock
इन आसनों को अपनाएं

वैसे तो हर प्रशिक्षक अपने हिसाब से पावर योगा क्रियाओं के सैट्स बनाता है जिनसे व्यक्ति को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। लेकिन वजन घटाने के लिए जिन आसनों का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है, उनमें शामिल हैं-

-चतुरंग दण्डासन या प्लैंक पोज
-वशिष्ठासन या साइड प्लैंक
-अर्ध मयूरासन या डॉल्फिन पोज 
-शीर्षासन या हेडस्टैंड 
-वीरभद्रासन या वारियर पोज 

ये आसन मांसपेशियों को मजबूती देने, लचीला बनाने के साथ ही पूरे शरीर की हड्डियों और जोड़ों को मजबूती देने, ह्रदय को सही तरीके से काम करने आदि में भी मददगार हैं। इसलिए इन्हें किसी भी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज से मिलने वाले लाभ के समकक्ष लाभ देने वाला माना जाता है। इसमें अष्टांग के योग पद्धति के आसनों को ही नए तरीके से किया जाता है। 
 
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नियमित अभ्यास से बनेगी फिटनेस - फोटो : Istock
ये हो सकते हैं फायदे

पावर योगा पद्धति केवल तेजी से वजन घटाने में ही सहायक नहीं है। इससे शरीर को अन्य लाभ मिलते हैं। इनमें शामिल हैं-

-फेफड़ों और दिल के काम को और सुचारू बनाना 
-उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण 
-कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखना 
-ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना 
-ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना, इस योग के बाद आपको अपने दिनभर के कामों को करने में पर्याप्त ऊर्जा महसूस होती है
-दिमाग के फंक्शन को सुचारू बनाना 
-मोटर कंट्रोल बनाये रखना 
-बेहतर नींद और मजबूत इम्यून सिस्टम 
-हार्ट डिसीज, डायबिटीज व स्ट्रोक जैसी स्थितियों से बचाव करना, आदि 

असल में पावर योगा की क्रियाएं एक साथ पूरे शरीर को तेजी से हर अंग के साथ कोऑर्डिनेट करने का मौका देती हैं। इसलिए इसका लाभ भी हर अंग को मिलता है। यह अपनेआप में सम्पूर्ण एक्सरसाइज है। जिससे तन-मन दोनों स्तर पर फायदा मिल सकता है। 

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सही सलाह और प्रशिक्षण है जरूरी - फोटो : pixabay
इन बातों को रखें ध्यान में 

हर अन्य एक्सरसाइज की तरह ही पावर योगा से जुड़े भी कुछ नियम हैं। अक्सर लोग जल्दबाजी में या देखादेखी इसे अपना तो लेते हैं लेकिन इसके सामान्य नियमों का भी पालन नहीं करते। इसलिए परिणाम भी उतने अच्छे नहीं मिल पाते और कई बार तो उलटे मुश्किलें पैदा होने लगती हैं। इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले अपने शरीर के हिसाब से पावर योगा के लिए सही प्रशिक्षण लिया जाये। इसके अलावा इन कुछ बातों का भी ध्यान रखा जाए-
  • पावर योगा की कक्षाएं एक से डेढ़ घंटे के करीब लम्बी हो सकती हैं। यदि आप इन्हें ज्वाइन कर रहे हैं तो नियमित अपने लिए इतने समय को रखकर चलें। बीच में अभ्यास छोड़ने या कम समय इसे ज्वाइन करने से लाभ भी उसी तरह मिलेगा।  
  • आपको पावर योगा के साथ अपने भोजन की मात्रा और तरीकों पर भी ध्यान देना होगा। योगा से पहले और बाद में क्या और कैसे खाना है, इसकी भी पर्याप्त जानकारी लें। योग क्रियाएं ज्यादातर सुबह और खाली पेट की जाती हैं। यदि आप इनको शाम को कर रहे हैं तो भोजन करने या कुछ भी खाने के कम से कम 4 घंटे बाद करें।
  • योगा के तुरंत पहले और तुरंत बाद कुछ भी खाने से बचें। विशेषकर ठंडी और तली-गली चीजें न खाएं। अगर योगा के दौरान या बाद में प्यास भी लगे तो गुनगुना पानी पीएं। 
  • शाम 7 के बाद इस योगा को करने से बचें। इसके बाद आपके शरीर को इसका फायदा भी कम मिलेगा, शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक भी डिस्टर्ब होगी और कोई मुश्किल भी हो सकती है। 
  • गर्भावस्था या किसी क्रॉनिक डिसीज जैसे हार्ट डिसीज, आर्थराइटिस या हड्डियों से जुडी अन्य समस्या या किसी चोट की अवस्था में इस योगा को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
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नियमित व्यायाम है जरूरी - फोटो : amar ujala
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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