नींद की गुणवत्त पर असर
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नींद की गुणवत्ता हो जाती है प्रभावित
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप सभी चमकदार नीली रोशनी उत्सर्जित करते हैं। समस्या यह है कि नीली रोशनी आपके मस्तिष्क में मेलाटोनिन के उत्पादन को बाधित कर सकती है, जिसका सीधा असर आपकी नींद की गुणवत्ता पर देखा जाता है। जो लोग अधिक स्मार्टफोन्स या स्क्रीन का इस्तेमाल करत हैं उनका सर्कैडियन रिदम प्रभावित हो सकता है, जो कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग सहित कई गंभीर समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को स्मार्टफोन्स का उपयोग कम करने की सलाह देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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